About Us

दोस्तों नमस्कार।

दोस्तों आज हम आपको झलको मीडिया की एक झलक आपके सामने www.jhalkoindia.com के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे है जिसने अपनी मातृभाषा के प्रचार में, आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में, शिक्षा के क्षेत्र में नई भावना पैदा करने में, अपनी संस्कृति को बचाने में, पिछले चौदह महीने से सतत प्रयत्नशील रहकर नए आयाम स्थापित किए हैं।

स्थापना।
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झलको मीडिया (Jhalko Media) ग्रुप की स्थापना 25 सितंबर 2020 को हुई थी। तब से समाज के हर पहलू पर ध्यान देते हुए, समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने, समाज में अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके पर नजर रखने, छुपी हुई कला, शिक्षा को समाज के सामने लाने जैसे काम कर रहा है।

झलको वह स्कूल है जो,
मार्गदर्शन की क्लास लगाता है,
समाज में जीने की,
नई कला सिखाता है।

मातृभाषा की पहचान।
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झलको मीडिया के अंतर्गत आने वाले सारे चैनलों का मुख्य उद्देश्य अपनी भाषा को बढ़ावा देना, अपनी संस्कृति को बचाना, पाश्चात्य संस्कृति से परहेज करना, पर विशेष ध्यान देना दर्शाया है।

डीजे के बढ़ते प्रभाव को खुशबू ने सिरे से नकार दिया। अपनी संस्कृति को बचाने के लिए औरतों के द्वारा गाए जाने वाले पुराने गीत गाने पर विशेष जोर दिया है। अपने सभी इंटरव्यू में उन्होंने जोर देकर कहा है कि हिंदी और अंग्रेजी तो हम स्कूल में भी सीख सकते हैं, लेकिन मायड भाषा तो हम हमारी मा से ही सीख सकते हैं। और वह हमारी मातृभाषा है। मायड़ भाषा की मिठास अलग ही होती है।

शिक्षा क्षेत्र में बढ़ोतरी।
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जब से झलको मीडिया के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में टॉपर्स बच्चों के इंटरव्यू का कार्य शुरू किया है, तब से शिक्षा के क्षेत्र में आमूल चूल परिवर्तन होना शुरू हो गया है। सभी पढ़ने वाले बच्चों के ऊपर इसका बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उनमें कंपीटीशन की भावना बढ़ी है। चूरू में शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है। वह आपके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की ही देन है।

अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना।
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झलको मीडिया (Jhalko Media) ने संगीत, कला, चित्रकला, खेल, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, किसानी, पढ़ाई, समाज सेवा, नौकरी में उत्साह बढ़ा कर सभी का बहुत सहयोग किया है। शहीदों के घर घर जाकर आपने उनका मान बढ़ाया है। उनकी कठिनाइयों का निराकरण करने में पूरा सहयोग किया है। शहीद देश की धरोहर है। शिक्षा के क्षेत्र में आपने बच्चों का मार्गदर्शन किया है। उसका समाज तहे दिल से आभारी है। पेड़ पर झोपड़ी, केबीसी में जाने का रास्ता, छोटे बच्चों के संगीत प्रोग्राम, पढ़ाई किस प्रकार की जाती है आदि दिखाकर आपने समाज को और आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन किया है।

आतंकी घटनाओं पर रोक।
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झलको मीडिया की जागरूकता की इस मुहीम से बढ़ती हुई रेप की घटनाओं के बीच आपके बेबाक इंटरव्यू से गंदे लोगों में दहशत फैल गई है। सभी तरफ कंपटीशन की भावना ने जन्म लिया है, जिससे चोरी की वारदातों में बहुत कमी आई है। आपकी बेबाक शैली से प्रशासन भी चुस्त-दुरुस्त हो गया है। शहीदों के परिवार को आपकी कार्यशैली ने प्रभावित किया है, और उनके लगभग कार्य समय पर होना प्रारंभ हो गए हैं। आपकी कार्यशैली से प्रशासन भी चाक-चौबंद हो गया है।

झलको मीडिया की आवाज।
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हर गली मोहल्ले में आज,
झलको की आवाज है।
बच्चा बुड्ढा सब जाने हैं,
कौन कहां पर आज है।
गहराई से झलको देखे,
जैसे अकलमंद बाज है।

दबे पिछड़े के संग है झलको,
गरीबों का मसीहा है।
कलाकार और बच्चों का साथी,
आगे बढ़ने की आवाज है।
गहराई से झलको देखे,
जैसे अकलमंद बाज है।

चढ़ते को चढ़ाता झलको,
सोए को जगाता है।
पर्यावरण का प्रहरी है,
सबसे ऊपर का ताज है।
गहराई से झलको देखे,
जैसे अकलमंद बाज है।

गांव गांव गितेरण ढूंढे,
संस्कृति को बचाने को।
लंबी उम्र का निरोगी ढूंढे,
शुद्ध आहार ही राज है।
गहराई से झलको देखे,
जैसे अकलमंद बाज है।

टोपर्स का अनुभव बांटे,
नव युवकों को जगाता है।
ग्रहणी भी ना कम है किसी से,
सुंदर सजाती वह बाग है।
गहराई से झलको देखे,
जैसे अकलमंद बाज है।

दीपावली का पर्व है झलको,
जहां जाए आबाद करें।
धन्य है झलको की जननी,
सबको उन पर नाज है।
गहराई से झलको देखे,
जैसे अकलमंद बाज है।

विद्याधर तेतरवाल,
मोतीसर।

अपने विचार।
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झलको की एक झलक पाने को,
समाज बड़ा ही बेताब है।
उसके द्वारा उठाए मुद्दों को,
देखना ही जैसे ख्वाब है।

   
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