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बिहार

बाप का ऑक्सीजन लेवल 93 से 0 हुआ, बेटे के सामने निकली पिता की जान मार्मिक व्यथा

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कोरोना के बढ़ते मामले सभी के लिए चिंता बने हुए हैं। आम आदमी हो या खास आदमी सभी बस यही चाह रहे हैं कि किसी तरह इस बीमारी से बचे रहें। वही अस्पतालों की हालत इतनी बदतर हो गई है कि वहां सही इलाज तो छोड़िए,आम सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। ऑक्सीजन की कमी पूरे देश के अंदर लगातार चर्चा का विषय और चिंता का विषय बनी हुई है। बिहार के आरा जिले के जिला अस्पताल से ऑक्सीजन की कमी के चलते एक मरीज ने द’म तोड़ दिया। कमाल की बात तो देखिए उस मरीज को ना तो कोई डॉक्टर देखने आया ना ही कोई नर्स। मरीज का ऑक्सीजन लेवल लगातार नीचे गिरता रहा लेकिन उसकी देखभाल करने कोई नहीं आया।।

पूरा मामला आपको बताएं तो घटना बिहार आरा जिला अस्पताल की है। यहां के सदर अस्पताल में आम सुविधाएं तो छोड़िए बिजली तक नहीं है। इसी की वजह से वहां के निवासी राम शंकर ने अपनी जिंदगी ग’वानी पड़ी। बिजली न होने के कारण राम शंकर की पत्नी उन्हें नेबुलाइजर तक नहीं दे पा रही। राम शंकर के बेटे की मानें तो 26 तारीख को रामशंकर को अस्पताल में भर्ती कराया गया तब उनका ऑक्सीजन लेवल 93 पर था। डॉक्टर ने उनको कहा कि बाहर से कुछ नहीं लाना है सब अस्पताल से ही होगा और अच्छा इलाज होगा। उसके बाद इलाज शुरू कर दिया गया लेकिन जब कुछ समय बाद रामशंकर का ऑक्सीजन नापा गया तो उनका ऑक्सीजन स्तर 36 तक पहुंच गया। उन्हें देखने ना कोई डॉक्टर आया ना ही कोई नर्स जिसकी कमी के चलते एक बेटे ने अपनी आंखों के सामने अपने पिता को खो दिया।

उनके बेटे ने बताया कि राम शंकर का ऑक्सीजन स्तर 93 से लेकर 36 और फिर जीरो होते हुए उसने अपनी आंखों के सामने देखा। वह अस्पताल प्रशासन के सामने केवल हाथ फैलाता रहा,ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल में बिजली जाने के लिए मैनेजर जिम्मेदार है। मैनेजर साहब अपने कर्तव्य से पल्ला झाड़ रहे झाड़ते नजर आए।
जब डॉक्टर से कहा कि नीचे एक मरीज का ऑक्सीजन लगातार नीचे गिर रहा है तो डॉक्टर ने कहा हम किसी को भेजते हैं लेकिन ना वहां कोई डॉक्टर आया ना ही कोई नर्स आई। राम शंकर के बेटे का कहना है कि वह अब अनाथ हो गए हैं। राम शंकर के कुल 4 बच्चे हैं जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं। राम शंकर के बेटे का कहना है कि उनकी जीने की इच्छा खत्म हो गई है।

‘जरा सोचिए यह हालत हैं बिहार के एक अस्पताल की,तो बाकी का क्या हाल होगा। अब शायद भारत में कोरोना मरीज भगवान भरोसे हैं।

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