Connect with us

गोपालगंज

गोपालगंज के इस मंदिर में होती है भगवान से पहले भक्त की पूजा ~ थावे वाली माता मंदिर

Published

on

Mata Thawewali

बिहार (Bihar) के गोपालगंज (Gopalganj) में ऐतिहासिक थावे (Thawe) का दुर्गा मंदिर (Durga Mandir) देश के 52 शक्तिपीठों में से एक है. इस मंदिर के पीछे एक प्राचीन किंतु रोचक कहानी है. जनश्रुतियों के मुताबिक एक समय यहाँ हथुआ के राजा मनन सिंह का राज्य था. इसी राज्य में मां भवानी के महान भक्त रहशु भगत जंगल में रहकर खेती-बारी करते थे. दिन भर वो मां भवानी की आराधना में लीन रहते थे. मान्यताओं के मुताबिक, मां का यह भक्त बाघ के गले में विषैले सांप की रस्सी बनाकर धान की दवरी करता था.

रहशु भगत के इन कारनामों की चर्चा जैसे ही राजा मनन सिंह को लगी, उन्होंने मां के इस भक्त को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया. बंदी बने रहशु से राजा ने मां भवानी को बुलाने का आदेश दिया. रहशु भगत ने मां को बुलाने से मना किया और कहा कि यदि मान आ गई तो आपका सब कुछ विनाश हो जायेगा लेकिन राजा के जिद्द पर रहषु भगत ने पूजा शुरू कर दी. भक्त के आह्वाहन पर चारों तरफ काले बादल छा गए. हर तरफ तेज आंधी पानी होने लगा.

मां के परम भक्त रहशु भगत के आह्वाहन पर देवी मां कामरूप कामख्या से चलकर पटना के पटन और सारण के आमी होते हुए गोपालगंज के थावे पहुंची. मां के प्रकट होते ही रहशु भगत का सिर फट गया और मां भवानी का हाथ सामने प्रकट हुआ. मां के प्रकट होने पर रहशु भगत को जहां मोक्ष की प्राप्ति हुई, वहीं मां के प्रकाश से घमंडी राजा मनन सिंह का सबकुछ खत्म हो गया.

यहाँ और बिहार के अलावा नेपाल, बंगाल और झारखंड से भी लोगों का आने का सिलसिला लगा रहता है. यहां नवरात्र में पशु बलि देने की भी परम्परा है. लोग मां के दरबार में खाली हाथ आते हैं, लेकिन मां के आशीर्वाद से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. देवी ने जहाँ दर्शन दिये, वहां एक भव्य मंदिर है जो माता थावेवाली के मंदिर के तौर पर विख्यात है. थोड़ी ही दूरी पर रहषु भगत का भी मंदिर है. मान्यता यह भी है कि जो लोग माता थावेवाली (Mata Thawewali) के दर्शन के लिए आते हैं, वे रहषु भगत के मंदिर में भी जरूर जाते हैं. इसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है. इस मंदिर के समीप ही मनन सिंह के भवनों का खंडहर आज भी मौजूद है.

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

   
    >