Connect with us

बिहार

नौकरी के साथ मेहनत कर अभिलाषा बनी IAS ऑफिसर, खुद से ईमानदार रहना मानती है सफलता का मंत्र

Published

on

हमारे समाज में आज भी लड़कियों को लेकर सामाजिक ताना-बाना ऐसा है कि उनके लिए अवसरों की तलाश एक समय बाद खत्म मान ली जाती है. बहुत कम ही लड़कियां हैं जो लीक से हटकर कुछ कर पाती हैं।

बिहार की अभिलाषा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए खुद के अलावा परिवार और समाज से भी संघर्ष किया। उन्होंने हर किसी को समझाया कि वह पहले सिविल सर्विसेस परीक्षा में सफलता हासिल करेगी उसके बाद ही आगे का सोचेगी। आखिरकार अभिलाषा को सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली।

पहले प्रयास में अभिलाषा प्री भी नहीं निकाल पाई, दूसरे में उनका सेलेक्शन हुआ और रैंक मिली 308 लेकिन सेलेक्शन आईआरएस सेवा के लिए हुआ ऐसे में अपने तीसरे अटेम्पट में 18वीं रैंक हासिल कर दिखाई।

पढ़ने में शुरू से थी होशियार

अभिलाषा शुरू ही पढ़ाई में होशियार थी। अभिलाषा ने पटना से अपनी स्कूलिंग की और 10वीं क्लास में सीबीएसई टॉप भी किया। 12वीं में उन्हें 84 प्रतिशत अंक हासिल हुए जिसके बाद अभिलाषा ने इंजीनियरिंग एग्जाम्स की तैयारी शुरू की और ए. एस पाटिल कॉलेज महाराष्ट्र से बीटेक किया।

नौकरी के साथ की आईएएस की तैयारी

अभिलाषा ने पहली बार 2014 में यूपीएससी दिया था तब उनका प्री भी नहीं हुआ था. इसके बाद दूसरी बार में 2016 में वे आईआरएस सर्विस के लिए चयनित हुई लेकिन अच्छी रैंक हासिल नहीं हुई।

चूंकि अपनी तैयारी के दौरान अभिलाषा ने हमेशा नौकरी की इसलिए उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए समय निकालने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती थी। अभिलाषा आज भी यही सलाह देती है कि लोगों की बात नहीं सुनें अपने आप से ईमानदार रहें,  बस इतना ही जरूरी है.

वह कहती हैं बंद कमरे में आप क्या पढ़ रहे हैं या सो रहे हैं ये कोई देखने नहीं आ रहा पर आपको पता होना चाहिए कि जो सपना आपने देखा है, उसे पूरा करने के लिए आप ईमानदार हैं।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

   
    >