Connect with us

बिहार

त्याग और मेहनत से हासिल किया डॉक्टर से IAS का मुकाम, बिहार की अनुपमा सिंह का सफर

Published

on

ias anupama singh story

आईएएस के मुकाम पर पहुंचने वालों की कहानियां अपने संघर्षों से भरी होती है। कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली आईएएस अनुपमा सिंह की जिन्होंने डॉक्टर से आईएएस तक का सफर तय किया।

वहीं अनुपमा ने आईएएस की तैयारी के लिए अपने बेटे को भी छोड़ दिया और त्याग और साहस का उदाहरण पेश किया।

बचपन से ही करना चाहती थी देश की सेवा

अनुपमा सिंह की पढ़ाई की बात करें तो उनकी स्कूली शिक्षा कंकड़बाग से हुई जहां 10वीं तक की पढ़ाई उन्होंने माउंट कार्मेल हाई स्कूल से की।

इसके बाद 2011 में उन्होंने पटना मेडिकल एंड कॉलेज हॉस्पिटल एंट्रेंस परीक्षा को पास करके गाइनेकोलॉजी में ग्रेजुएशन किया। इसके साथ ही 2014 में उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मास्टर इन सर्जरी की। अनुपमा बचपन से ही लोगों की सेवा करना चाहती थी।

मेडिकल की पढ़ाई के बाद वह सरकारी अस्पताल में नौकरी करने लग गई। अनुपमा सिंह की शादी अस्पताल में नौकरी करने के दौरान डॉ रविंद्र कुमार से हुई।

अस्पताल की हालत देख बदल लिया रास्ता

अनुपमा डॉक्टर बनने के बाद लोगों की सेवा कर रही थी लेकिन एक शाम उन्हें ऐसे ही विचार आया कि अस्पताल के अंदर व्यवस्था ठीक नहीं है, जिसके बाद उन्होंने मन में विचार किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए उन्हें कुछ करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने सिविल परीक्षा में जाने का निर्णय किया।

3 साल के बेटे को छोड़ आ गई दिल्ली

इसके बाद अनुपमा आईएएस की परीक्षा की तैयारी करने के लिए नौकरी छोड़कर दिल्ली आ गई। इसी के साथ उन्होंने अपने 3 साल के बेटे को भी अपने पति के पास छोड़ दिया। दिल्ली आकर वह यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने लग गई।

साल 2018 में उन्होंने दिल्ली में आकर कोचिंग लेना शुरू कर दिया। उनकी मेहनत ईमानदारी से 2019 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 90वी रैंक हासिल की।

ईमानदारी और एकाग्रता से मेहनत को मानती है सफलता का मंत्र

अनुपमा सिंह अपनी सफलता को लेकर कहती है कि सफलता का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता। सफलता पाने के लिए ईमानदारी और एकाग्रता से लक्ष्य की ओर मेहनत करनी बेहद जरूरी है। वे कहती हैं कि सफलता पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्याग होता है।

वह कहती हैं कि इंसान को खुद के अंदर मोटिवेशन की बहुत जरूरत होती है। वे कहती हैं इंसान को मोटिवेट होकर स्ट्रेटजी बनाकर की तैयारी करनी चाहिए। ऐसे तैयारी करने से सफलता जरूर मिलती है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

   
    >