Connect with us

बिहार

प्रकृति प्रेमी दिलीप कुमार जो हर शहीद के नाम पर लगाते हैं एक पौधा, अब तक लगा चुके एक लाख पौधे

Published

on

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में देश एक भयावह ऑक्सीजन त्रासदी से गुजरा जहां लोग ऑक्सीजन की कमी से महीनों जूझते रहे। हम जानते हैं कि हमें ऑक्सीजन देने का सबसे बड़ा स्त्रोत पर्यावरण ही है। पर्यावरण में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन पेड़ देते हैं जिसकी कद्र हमनें करनी छोड़ दी है लेकिन बिहार के दिलीप कुमार सिकंदर ने पर्यावरण को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

आज हम बिहार गया के रहने वाले दिलीप कुमार सिकंदर की कहानी आपको बताएंगे कि आखिर कैसे वह बिहार में ट्री मैन के नाम से जाने जाते हैं। दिलीप सिकंदर सन 1982 से पौधारोपण का काम  शुरू किया और अब तक वह एक लाख से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं।

पिताजी की बात से हरा भरा कर दिया इलाका

वह कहते है कि बचपन में मैं अपने पिताजी के साथ घूमने जाया करता था तब उन्होंने अपने पिता से पूछा था कि यहां इतने पेड़ कम क्यों है, क्या हम यहां पर और हरियाली नहीं कर सकते?  तब उनके पिता ने उन्हें पुरानी कहावत सुनाते हुए कहा कि पहाड़ी पेड़ों के बिना है।

इसके बाद दिलीप कुमार ने मन में विचार किया कि अब इस पहाड़ी को ही हरा-भरा करके मानेंगे। प्रकृति से प्रेम होने के कारण वे लगातार पौधारोपण का काम करते रहे।

महान लोगो के नाम पर रखे है पौधों के नाम

दिलीप ने अपने पौधों को देश की आजादी में अपना योगदान दे चुके लोगों के नाम पर रखा है। वे कहते हैं कि उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई, वीर कुंवर सिंह, महात्मा गांधी, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, लोकमान्य तिलक, सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे लोगों के नाम पर पौधे लगाए हैं।

अब सैनिकों के नाम पर कर रहे पौधरोपण

अब दिलीप कुमार ने शहीद हुए सैनिकों के नाम पर पेड़ लगाना शुरू कर दिया है। जब अखबार में किसी सैनिक के शहीद होने की खबर आती है तो वह उसके नाम का एक पेड़ लगाते हैं। पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों के नाम पर भी दिलीप ने 40 पौधे लगाए थे।

सरकार से नहीं मिली मदद

दिलीप सिकंदर बताते हैं कि उन्हें राज्य सरकार के द्वारा एक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे कहते हैं कि उनके इलाके का भ्रमण करने के लिए बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी आए थे। तब उपमुख्यमंत्री ने उनसे वादा किया था कि इस पहाड़ी इलाके को जंगल के तौर पर घोषित किया जाएगा लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ है।

दिलीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी आग्रह करते हैं कि पर्यावरण के प्रेम को दिखाते हुए उन्हें इस इलाके को जंगल घोषित कर देना चाहिए। वही दिलीप कुमार सिकंदर बताते हैं कि वह खुद भी पटना में नीतीश कुमार और बिहार के अन्य मंत्रियों से भी मिल करके इसकी अपील कर चुके हैं।

धारणा को बदल कर दिखाया

दिलीप बताते हैं कि जिस इलाके में उन्होंने पेड़ पौधे लगाए हैं उस इलाके में धारणा है कि नदी का पानी नहीं रहता है जिस कारण यहां पेड़ पौधे लगाना मुश्किल है, लेकिन दिलीप कुमार ने सभी लोगों की धारणा को गलत साबित करते हुए लाखों पौधे लगाकर उस जमीन को हरा भरा कर दिया।

   
    >