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बाबा का ढाबा रिटर्न्स : वापस सड़क पर आ गए, शुरू किया पुराना काम ~ दान में मिले 45 लाख कहां गए ?

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बाबा का ढाबा यह नाम शायद ही किसी व्यक्ति को नहीं पता होगा। पिछले साल एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई जिसमें एक व्यक्ति आंखों से आंसू निकाल कर रोता हुआ नजर आया। वीडियो वायरल होने के बाद सभी लोग उसके परेशानी को समझ गए और लोगों ने उसकी मदद करना शुरू कर दिया। लोगों ने एक दिन में ही कई लाखों रुपए उस व्यक्ति की मदद के लिए जुटा लिए। व्यक्ति मालवीय नगर में एक ढाबा चलाता था ढाबे का नाम था बाबा का ढाबा।

पूरे मामले बताएं तो पिछले साल लॉकडाउन में फूड ब्लॉगर यूट्यूबर गौरव वासन ने एक ढाबे पर एक व्यक्ति का वीडियो बनाया था। व्यक्ति ने वीडियो में रो कर बताया कि उसका ढाबा चलता नहीं है। उसके पास पैसों की कमी है, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया। लोगों ने उनकी मदद करना शुरू कर दिया। लेकिन इस बीच पैसे को लेकर बाबा यानी कांता प्रसाद और यूट्यूबर गौरव के बीच में विवाद भी सामने आया। बाबा ने आरोप लगाए कि यूट्यूबर गौरव ने बिना बताए उनसे कागजों पर सिग्नेचर करवा लिए हैं। जिसके बाद मामला थाने तक भी पहुंचा था। बरहाल उसके बाद की कहानी सभी लोग नहीं जानते हैं।

खोला खुद का रेस्तरां 

बाबा का ढाबा से बाबा कांता प्रसाद ने दिसंबर 2020 में लोगों की तरफ से मिली पैसों की मदद से एक रेस्तरां खोला था। आपको बताए उन्होंने अपने रेस्टोरेंट में दो रसोइए और एक वेटर भी तनख्वाह पर रखे थे। खुद कांता प्रसाद और उनकी पत्नी खुद काउंटर को संभालते थे। कांता प्रसाद बताते हैं कि पहले तो यह रेस्टोरेंट अच्छा चला, लेकिन बाद में कस्टमर कम हो गए। उसी के साथ खर्च बढ़ता चला गया। वे बताते हैं कि उन्होंने 5 लाख रुपए की इन्वेस्टमेंट से रेस्टोरेंट खोला था। साथ ही महीने का 1 लाख का खर्च हो जाता था और कमाई केवल 40 हजार होती थी जिसके बाद केवल 2 महीने में फरवरी 2020 में उन्होंने अपनी रेस्टोरेंट को बंद कर लिया।

वापस आ गए बाबा का ढाबा पर 

अब कांता प्रसाद ने वापस से मालवीय नगर के फूड कॉर्नर बाबा का ढाबा को चलाना शुरू कर दिया है। जिस ढाबे से वह फेमस हुए थे उसी ढाबे से उन्होंने दोबारा काम करना शुरू कर दिया है। वह बताते हैं कि उनको लोगों की मदद से 45 लाख रुपए मिले थे। जिसके बाद उन्होंने 5 लाख रुपए रेस्टोरेंट में और बाकी पैसे घर बनाने में लगा दिए। वहीं कुछ पैसे उन्होंने अपने बुढ़ापे के लिए बचाए हुए हैं। वे कहते हैं कि गौरव वासन ने उन्हें धोखा नहीं दिया, लेकिन बिना बताए कागज पर हस्ताक्षर करवाना उन्हें पसंद नहीं था।

वह आगे बताते हैं कि उन्हें गौरव से कुछ भी बेर नहीं है। साथ ही आपको बताएं बाबा का ढाबा पर चावल दाल समेत दो तरह की सब्जियां मिलना शुरू हो गई है। वे कहते हैं कि लॉकडाउन की वजह से ढाबे पर भी कमाई कम हो रही है। पहले रोजाना 3000 की कमाई हो जाती थी, लेकिन अब हजार रुपए ही वह कमा पा रहे हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि वह अब इस ढाबे को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। यह एक बड़ी अपडेट आ रही है बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद की। उन्होंने एक बार फिर से अपने फूड कॉर्नर को शुरू कर लिया है।

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