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IPS से IAS तक का सफर तय करने वाले आईएएस दीपांकर चौधरी की सफलता और संघर्ष की कहानी

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आज हम आपको कहानी बताएंगे आईएएस दीपांकर चौधरी (IAS Dipankar Choudhury) की। साल 2019 में यूपीएससी (UPSC) में 42 वी रैंक हासिल करके अपने चौथे प्रयास में अपने बचपन के सपने को पूरा करने वाले दीपांकर चौधरी का जीवन बेहद रोमांचक रहा।

उन्होंने साल 2018 में यूपीएससी में 166 वी रैंक हासिल की थी और उन्हें केरल का आईपीएस कैडर मिला था। झारखंड (Jharkhand) से दिल्ली (Delhi) रहने आए दीपांकर चौधरी आईएएस बनना चाहते थे और इसीलिए उन्होंने आईपीएस बनने के बाद भी अपनी तैयारियों को जारी रखा।

पढ़ाई

आईएस दीपांकर चौधरी ने संत जेवियर स्कूल से दसवीं कक्षा की पढ़ाई की। उसके बाद दिल्ली के आर के पुरम के दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं की और इसके बाद डीसीई से बी.टेक करके इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद में वह नौकरी करने लगे।

इसके बाद दीपांकर को यूपीएससी का ख्याल आया और उन्होंने नौकरी छोड़ कर तैयारी करना शुरू कर दिया। अपने पहले 2 प्रयासों में दीपांकर असफल रहे और उन्होंने अपनी दोनों असफलताओं से सीख ली। तीसरे और चौथे प्रयास में सफल होकर अपने सपने को पूरा किया।

क्या कहते है दीपांकर

दीपांकर कहते हैं कि तैयारी करते हुए किताबों को लेकर कभी भी तनाव नहीं लेना चाहिए। वे कहते हैं कि जो किताबें मार्केट में उपलब्ध है उन्हीं से तैयारी करना चाहिए। किताबे बदलने से फर्क नहीं पड़ता बल्कि किताब को अच्छे से पढ़ रहे हो रिवीजन कर रहे हो उससे फर्क पड़ता है। वह कहते हैं कि हमें हर महीने करंट अफेयर्स की मैगजीन को लेकर पढ़ना बहुत जरूरी है। साथ ही साथ सिलेबस को हिसाब से तैयार करना जरूरी है और सिलेबस के हिसाब से तैयारी भी जरूरी है।

वह कहते हैं कि सिलेक्ट स्टडी करके भी यूपीएससी की तैयारी कर सकते हैं। दीपांकर चौधरी कहते हैं की यूपीएससी की परीक्षा के लिए कम से कम ढाई साल तक के करेंट अफेयर्स पर मजबूती से पकड़ होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी

तैयारी कर रही है अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए दीपांकर चौधरी कहते हैं कि करंट अफेयर्स पर मजबूती बनाना बहुत जरूरी है। दीपांकर चौधरी कहते हैं कि तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए दो चीजें सबसे ज्यादा जरूरी है। पहली रिवीजन और दूसरा टेस्ट पेपर। अभ्यार्थी ने कितनी पढ़ाई की है यह जरूरी नहीं जरूरी यह है कि उसने कितना रिवीजन किया है। वे कहते हैं कि उन्होंने खुद चार बार यूपीएससी की परीक्षा को दिया है ऐसे में वह बुक के हर पेज पर क्या लिखा है उसे याद करके बिना देखे बता सकते हैं। वहीं दीपांकर चौधरी कहते हैं कि टेस्ट पेपर देने से भी तैयारी में मजबूती आती है। टेस्ट पेपर देने से खुद को परखा जाता है, साथ ही उसके बाद एनालाइज करना सबसे ज्यादा जरूरी है। टेस्ट पेपर देने से हमें हमारी कमी का पता चलता है और उसे उसके बाद ठीक किया जा सकता है।

दीपांकर चौधरी इसी के साथ फिजिकल और मेंटल हेल्थ को भी जरूरी बताते हैं। वह कहते हैं कि अभ्यर्थियों के लिए फिजिकल और मेंटल हेल्थ भी उतनी जरूरी है। जितनी की किताबों की तैयारी और मेंटल और फिजिकल हेल्थ के लिए हमें एक्सरसाइज करना जरूरी है। दिमाग को फ्रेश रखना जरूरी है अगर दिमाग और शरीर तंदुरुस्त रहेगा तभी हमारी तैयारी मजबूती होगी। वही दीपांकर चौधरी कहते हैं कि प्रेरणा और सलाह सबसे लेनी चाहिए लेकिन हमेशा सफलता सबसे यूनिक होनी चाहिए

   
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