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तिहाड़ के कैदी ने निगल लिया मोबाइल, आखिर ऐसा क्या राज़ छुपा था मोबाइल में?

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नई दिल्ली : भारत की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल (Tihar Jail) एक बार फिर चर्चा में है. इस जेल में बंद एक कैदी ने पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन निगल लिया। हालत गंभीर होने के कैदी को जीबी पंत अस्पताल (GB Pant Hospital) में भर्ती कराया गया. हालांकि कैदी को पहले जेल से डीडीयू अस्पताल (DDU Hospital) में भर्ती कराया गया लेकिन बाद में हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उसे जीबी पंत ले जाया गया।

कैदी के पास कैसे पहुंचा मोबाइल

पुलिस महानिदेशक ने इस मामले में बयान देते हुए कि इस घटना के बाद कैदी की हालत काफी गंभीर हो गई थी जिस वजह से उसे पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की टीम कैदी के पेट से मोबाइल निकालने में सफल रही। फिलहाल कैदी की हालत ठिक है, लेकिन इस बात का पता नहीं चल पाया है कि कैदी के पास मोबइल फोन कहां से आया? इसकी जांच की अभी जारी है।

बगैर सर्जरी डॉक्टरों ने निकाला मोबाइल

डॉक्टरों ने कैदी के पेट से बीना चीर – फाड़ किए एंडोस्कोपी (Endoscopy) तकनीक की मदद से मोबाइल को बाहर निकाला। जब इस फोन को बाहर निकाला गया तो यह करीब साढ़े 6 इंच लंबा और तीन इंच चौड़ा था। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर मनीष तोमर और डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी टीम ने अब तक ऐसे कई मामले देखे है जिसमें वो फोन तो कभी नशीले पदार्थ की पोटलियां निगल लेते है. इसलिए उनके पास बगैर ऑपरेशन किए इसे बाहर निकालने का अनुभव है।

लेकिन एक तरफ डॉक्टरों ने ये भी माना की इस तरह के मामले काफी खतरनाक होते है, अगर थोड़ी सी भी चूक हुई तो मरीज की जान जा सकती है। उन्होंने आगे बताया की ऐसे मामलों में जब पेट से किसी भारी वस्तु को निकालते है तो खतरा और बढ़ जाता है और इस फोन का भार लगभग 90 से 100 ग्राम के बीच था। इसलिए इसे निकालने में हमें करीब एक घंटे का समय लगा।

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