पिता के साथ फूड स्टॉल पर काम करने वाला बना अफसर, पढ़ें रजा खान की सफलता की कहानी

UPSC Exam Result-2021: एक मिडिल क्लास फैमिली से संबंध रखने वाले रजा खान ने यूपीएससी 2021 के परिणाम में 457वीं रैंक हासिल की है। रजा के पिता दिल्ली में ही एक फ़ूड स्टॉल चलाते हैं और उनकी मां होममेकर हैं। अपनी दो बहनों में रजा एक अकेले भाई और बेटे हैं। रजा खान ने जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia) की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) से यूपीएससी की तैयारी की है।

पिता के साथ फूड स्टॉल पर करते हैं काम

मासूम रजा खान का कहना है कि उनके घर में कई आर्थिक समस्याएं थी। वह आर्थिक तौर पर इतने मजबूत नहीं थे कि लाखों रुपए खर्च कर यूपीएससी (UPS) की तैयारी कर सके। लेकिन जामिया की आरसीए अकादमी से उन्हें यूपीएससी की तैयारी करने में बेहद मदद मिली। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ रजा अपने पिता के साथ फूड स्टॉल पर काम भी किया करते थे। लेकिन उनके पिता ने कभी भी उन पर काम को लेकर दबाव नहीं डाला। वह खुद ही खाली समय होने पर अपने पिता की मदद करने के लिए उनके फूड स्टॉल पर चले जाया करते थे।

पांच साल की तैयारी लाई रंग

UPSC Exam Result-2021

रजा ने बताया कि वह पिछले 5 सालों से वह यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहे थे और 5वें एटैम्प में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास करते हुए 457 रैंक हासिल की। रजा इसका श्रेय अपने माता-पिता और अपनी मेहनत को देते हैं। मासूम रजा खान का कहना है कि मेहनत का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता आप पूरी ईमानदारी और लगन के साथ अगर किसी चीज के लिए मेहनत करते हैं तो आपको वह चीज जरूर मिलती है। (UPSC Exam Result-2021)

स्लम एरिया के बच्चों को देते थे शिक्षा

मासूम रजा खान ने दिल्ली के सरोजनी नगर (Sarojini Nagar) में मौजूद रतन चंद्र आर्य समाज स्कूल से प्राइमरी एजुकेशन और फिर सरकारी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की पूरी की है। इसके बाद उन्होंने गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से बी-टेक की। अपनी ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। वहीं, वह सरोजिनी नगर में ही स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों को भी पढ़ाते थे। उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाने से उनका जनरल नॉलेज काफी अच्छा हुआ जिससे उन्हें यूपीएससी में मदद मिली।

रोजाना देते थे पढ़ाई को आठ घंटे

मासूम रजा खान ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे, उन्होंने कभी भी 20 घंटे पढ़ाई नहीं की, हालांकि एग्जाम टाइम में वह 10 से 12 घंटे के लिए पढ़ते थे। उन्होंने एक टीप देते हुए कहा कि – ”जो भी छात्र यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें हमेशा अपना टारगेट सेट करके रखना चाहिए, कौन सा सिलेबस पढ़ना है और किस दिशा में अपनी तैयारी करनी है उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।”

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