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दिल्ली: मां और बेटियों ने घर को गैस चैंबर बना- दिया आत्मह’त्या को अंजाम, नोट के जरिए दी चेतावनी

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Vasant Vihar Suicide Cas

Vasant Vihar Suicide Case: दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार (Vasant Vihar) इलाके के एक फ्लैट से बीते शनिवार मां और दो बेटियों के शव बरामद हुए हैं। खबर के मुताबिक, पता चला कि यह एक सामूहिक आत्मह’त्या थी- जिसका खुलासा एक सुसाइ़ड नोट के जरिए हुआ। नोट से मालूम हुआ कि सुसाइड से पहले मां और बेटियों ने फ्लैट को गैस चैंबर बना दिया था। उन्होंने घर के सारे दरवाजों, खिड़कियों और वेंटिलेशन की दूसरी सभी जगहों को बंद कर दिया था। जांच में सिलिंडर की नॉब खुली हुई पाई गई जिसके पास ही एक जलती हुई अंगीठी रखी हुई थी। तीनों मृतकों के मुंह से झाग और खून निकला हुआ था। मृतक फ्लैट नंबर 207 में रहा करते थे।

प्राप्त जानकारी अनुसार, मरने से पहले मृतकों ने कुछ जहरीला पदार्थ खाया था, ताकि अंगीठी के धुएं से दम निकलते वक्त वो तड़पे नहीं यही वजह है कि मृतकों के मुंह से झाग भी निकल रहा था। बरामद सुसाइड नोट में चेतावनी भी दे गई कि घर में घुसते समय माचिस का प्रयोग न करें क्योंकि घर में जहरीली और विस्फोटक गैस फैली हुई है। मृतकों की पहचान, 55 साल की मंजू श्रीवास्तव और उनकी दो बेटी अंकिता (30) और अंशुता (26) के रूप में हुई है। अभी तक इस मामले को सामूहिक आत्मह’त्या माना जा रहा है। पुलिस की जांच इस मामले में जारी है।

डिप्रेशन से जूझ रही थी मां और बेटियां

घर से बरामद 10 पेज के सुसाइड नोट में लिखा था कि- वे जिस दुनिया (Vasant Vihar Suicide Case) में जा रहे हैं वहां जाकर वो सब एक हो जाएंगे। आस-पास के लोगों ने बताया कि पति उमेश श्रीवास्तव की कोरोना से मौ’त के बाद से ही मंजू और उनकी बेटियां अवसाद में थीं। तीनों ही उमेश को बहुत प्यार करते थे। मां और बड़ी बेटी भी लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं। इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति भी खस्ताहाल थी, यही एक वजह रही कि तीनों ने यह खौफनाक कदम उठाया।

रहा दूसरों का ख्याल

vasnat vihar case

वहीं पड़ोसियों का मानना है कि परिवार व्यवहार का बहुत ही अच्छा था, उनकी वजह से कभी किसी को परेशानी नहीं हुई, वे सभी से अच्छे ढंग से बात करते और सभी लोगों का हाल-चाल लेते रहते। मरने से पहले उन्होंने दूध वाले को भी कह दिया था कि वह शनिवार को दूध उनके घर न पहुंचाए, वे कहीं बाहर जा रहे हैं। इसके साथ ही उनकी समझदारी और अच्छाई का अंदेशा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने खुद से अलग दूसरों को फ्लैट में आने के लिए जहरीली गैस के फैलाव को लेकर आगाह कर दिया था ताकि कोई भीषण हादसा न हो जाए। नोट को पढ़ते ही एक बार तो पुलिसवाले भी जज्बाती हो गए थे। मरते वक्त भी दूसरों का ख्याल रखने वाले इस परिवार के जाने से आसपास के लोग खूब दुखी हैं।

मृतक परिवार के परिजन प्रवीण श्रीवास्तव और एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि उमेश परिवार में अकेले नहीं थे, उनके पांच भाई और एक बहन थी- उमेश चौथे नंबर के भाई थे। उमेश अपनी पत्नी और दोनों बच्चों से बहुत प्यार करते थे, और बच्चे भी अपने पिता को खूब प्यार करते थे। दोनों बेटियों ने बी-कॉम किया हुआ था। छोटी बेटी ने भी आईसीडब्ल्यूए किया हुआ था। पिता उमेश अकाउंट्स पढ़ाया करते थे और वह अपनी छोटी को सीए बनाना चाहते थे, जबकि बड़ी बेटी की शादी करने की बात कहा करते थे। परिवार की अच्छाई को लेकर दूधवाले एवं घरेलू सहायिका का कहना है कि परिवार में कभी-कभार आर्थिक तंगी जरूर देखी गई लेकिन कभी भी उन्होंने पगार देने में आनाकाना नहीं की।

चल रही थी लंबे समय से सुसाइड की प्लानिंग

वहीं कॉलोनी में रहने वाले पूर्व (Vasant Vihar Suicide Case) पार्षद मनीष ने परिवार के बारे में बताया कि इनके यहां फ्लैट नंबर-206 और फ्लैट नंबर- 207 है। 206 फ्लैट नंबर को किराए पर दिया गया था, लेकिन पिछले साल दिंसबर में इसे खाली कर दिया गया। सुसाइड नोट में इसकी वजह का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा कि घर इसलिए खाली करवाया गया था ताकि उनके सामूहिकआत्मह’त्या करने के बाद पुलिस उन्हें परेशान न करे या उन पर शक न करे। इसी बात से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि आत्मह’त्या की योजना काफी लंबे समय से चल रही थी। हालांकि, पुलिस इस बाबत मृतकों के मोबाइल फोन भी चेक कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि आत्मह’त्या के पीछे की असली वजह क्या है! बुराड़ी कांड की तरह इसमें भी अंधविश्वास या किसी तांत्रिक से जुड़ी कड़ी होने की आशंका भी हो सकती है। इसलिए पुलिस सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरे जोर-शोर से पड़ताल में जुटी है।

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