गुजरात के मगनलाल नेत्रहीन हैं, मगर हुनर में देते हैं अच्छे-अच्छे को मात!

गुजरात (Gujarat) के रहने वाले मगनलाल ठाकुर (Maganlal Thakur) 68 साल के हैं, तथा वक्त के बहाव के साथ-साथ अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं। मगनलाल (Maganlal) परिवार में कमाने वाले अकेले सदस्य हैं, वह अब नेत्रहीन हैं, बावजूद इसके वह कुर्सियां बनाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। (Gujarat Maganlal thakur went blind but not quit his job)

खास बात यह है कि मगनलाल जो कुर्सियां बनाते हैं, वे कोई आम कुर्सियां नहीं होतीं, बल्कि बेहद शानदार और जबरदस्त कारीगरी की निशानी हैं। यही कारण है कि कुर्सियों को बनाने में काफी समय और मेहनत लगती है। लेकिन मगनलाल इस काम में इतना निपुण हो चुके हैं कि वह कुर्सियों को बेहद तेज गति से बनाते हैं। वह बताते हैं कि एक कुर्सी की कीमत उन्हें  250 रुपए मिलती है, जिसमें उन्हें बचत के कुल 150 रुपए ही मिल पाते हैं।

Gujarat Maganlal thakur went blind but not quit his job

मगनलाल के परिवार में उनकी एक बेटी और पत्नी रहते हैं। उनकी पत्नी ने बताया कि मगनलाल उनके दूसरे पति हैं और उनका पहला पति उनके साथ हिंसा किया करते थे। उन्होंने मगनलाल से इसलिए शादी की, क्योंकि वह अपने काम की अहमियत को  जानते हैं और बहुत ही नेक दिल के इंसान है इसके साथ ही वह उनकी इज्जत करते हैं। उनकी पत्नी ने आगे बताया कि मुझे पता था कि वह नेत्रहीन हैं लेकिन वह अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेंगें, इस बात के लिए मुझे विश्वास था।

मगनलाल ने बताया कि जब वह आठ साल के थे, तब किसी बीमारी के कारण उनकी दोनों आंखें चली गई थीं। उनका मानना है कि इंसान को कभी भी किसी भी तरह की चुनौतियों से हार नहीं माननी चाहिए , और डटकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान से आया एक परिवार रह रहा है गुजरात में, करते हैं लैकर वुडन आर्ट का काम

Add Comment

   
    >
राजस्थान की बेटी डॉ दिव्यानी कटारा किसी लेडी सिंघम से कम नहीं राजस्थान की शकीरा “गोरी नागोरी” की अदाएं कर देगी आपको घायल दिल्ली की इस मॉडल ने अपने हुस्न से मचाया तहलका, हमेशा रहती चर्चा में यूक्रेन की हॉट खूबसूरत महिला ने जं’ग के लिए उठाया ह’थियार महाशिवरात्रि स्पेशल : जानें भोलेनाथ को प्रसन्न करने की विधि