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हरियाणा

हरियाणा की पूजा ओलंपिक में बरसाएगी मुक्के, मां कहती थी बॉक्सिंग करेगी तो शादी कैसे होगी ?

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मुक्केबाजी में हरियाणा के भिवानी को मिनी क्यूबा कहा जाता है जहं से कई ओलंपिक पदक विजेता दिग्गज मुक्केबाज निकले हैं, कहा जाता है कि यहां कि मिट्टी में ही कुछ अलग बात है।

दुनिया के सबसे बड़े इवेंट टोक्यो ओलंपिक की शुरूआत हो गई है, इसी कड़ी में भारत की तरफ से मुक्केबाजी की परंपरा और मेडल का पंच लगाने के लिए भिवानी की पूजा रानी भी तैयार है। बॉक्सर पूजा रानी बोहरा ने 75 किलोग्राम कैटेगरी में ओलंपिक का कोटा हासिल किया है। पूजा स्कूल के दिनों में बास्केटबॉल खेला करती थी लेकिन वह अन्य कई खेलों में भी बहुत रूचि रखती थी।

बास्केटबॉल से बॉक्सिंग का सफर बेहद दिलचस्प

पूजा के कॉलेज पहुंचने के दौरान वह भीम अवॉर्डी संजय श्योराण से मिली जिन्होंने उन्हें देखते ही कहा यह लड़की एक दिन बॉक्सिंग खेलेगी।

दरअसल कोच संजय श्योराण की पत्नी पूजा के कॉलेज में ही फिजिकल लेक्चरर थी। पूजा की मुलाकात संजय की पत्नी से हुई और फिर एक बार जब यूनिवर्सिटी के एक टूर्नामेंट में बॉक्सिंग खेलने के लिए एक खिलाड़ी की जगह खाली थी ऐशे में वहां संजय ने पूजा का नाम डाल दिया।

इस दौरान जब पहली बार कोच संजय श्योराण ने पूजा को बॉक्सिंग करते देखा तो हैरान रह गए। वहीं पूजा रानी की मां कहती है कि संजय श्योराण के बॉक्सिंग खिलाने के बारे में हमें जब पता चला तो हम तो यही सोचते थे कि मुंह पर चोट लग गई तो इससे शादी कौन करेगा?

जब दिवाली के दौरान जल गया था हाथ….

2016 के रियो ओलंपिक में पूजा जगह नहीं बना पाई थी जिसके बाद उन्हें लगा कि उनका करियर यहीं खत्म हो जाएगा। पूजा बताती है कि उस साल दीवाली के दौरान पटाखे से मेरा हाथ जल गया था जिसको ठीक होने में 6 महीने लगे और फिर अगले साल मेरे कंधे में भी चोट लगी। उन दिनों को याद करते हुए वह कहती है कि एक बार के लिए ऐसा लगता था कि मैं कभी ओलंपिक में नहीं खेल पाउंगी।

पूजा से मेडल की उम्मीद

पूजा ने हाल में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था जिसके बाद अब पूजा ओलंपिक खेलने जा रही है। पूजा का मुकाबला नीदरलैंड्स, ग्रेट ब्रिटेन और रूस जैसे मुक्केबाजों से होगा।

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