पति के मौ’त के बाद बढ़ी जिम्मदारी, पर नहीं भूलीं बचपन का ख्वाब- जी तोड़ मेहनत कर बन गईं अफसर

RAS Exam: आज हम जिस शख्सियत से आपको मिलाने जा रहे हैं, उसकी कहानी कड़े संघर्ष की तो है ही साथ ही आप उनसे सीख सकते हैं कि  विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को संयमित कैसे रखा जाता है तथा कैसे अपनी अन्य जिम्मेदारियों का पालन करते हुए मंजिल की ओर बढ़ा जा सकता है।  हरियाणा के झज्जर (Jhajjar) जिले के एक छोटे से गांव में पैदा हुई सीमा कुमारी  (Haryana Seema Cracks RAS) ने किसी तरह टाइम मैनेजमेंट कर राजस्थान  प्रशासनिक सेवा (RAS) में सफलता हासिल की है।

सीमा कुमारी एक हाउसमेकर हैं, उन्होंने घर की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए तथा खुद की पढ़ाई के लिए किसी तरह वक्त निकाल यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। सीमा मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। हरियाणा में दकियानूसी सोच के कारण महिलाओं का जीवन एक कैद के रूप में बीतता है, जबकि हरियाणा की बेटियां विश्व स्तर पर देश का नाम खूब रोशन करती है। परंतु विडंबना है हरियाणा अभी भी इस रूढ़िवादी सोच का खंडन करने के लिए तैयार नहीं है, वहां बस महिलाओं को एक गृहणी के रूप में ही देखना पसंद किया जाता है। यही सोच और महिलाओं की इस दयनीय स्थिति को सीमा शुरू से देखती आई हैं, वहीं से उनको कुछ अलग करने की प्रेरणा मिली।

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साल 2015 में डेंगू के कारण सीमा के पति का देहांत हो गया, जिसके बाद उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गईं, परंतु वह घबराई नहीं और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बांधते हुए उन्होंने भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया। साल 2017 में उनका व्याख्याता के पद पर चयन हुए, जिसके बाद उनका चयन साल 2018 के आरएएस परीक्षा में हुआ।

सीमा बताती हैं कि उनका ख्वाब बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का था, पढ़ाई के बाद शादी हुई तो पारिवारिक जिम्मेदारियां आ गईं, लिहाजा वह प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए उतना वक्त नहीं दे पा रही थीं, साल 2015 में पति की मृत्यु के बाद जैसे उनका सब कुछ चला गया। अब बस उनके पास एक ही चारा था, पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने बचपन के सपने को मुकम्मल करना। वह बताती हैं कि टाइम कैसे मैनेज किया जाता है, यह उन्होंने मां से सीखा था तथा उन्हीं की सीख पर चलकर उन्होंने अपना कर्तव्य भी निभाया और किसी तरह बचपन के अरमान पूरे करने के लिए जी तोड़ तैयारी भी की। नतीजतन, उनका चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा में हो गया।

वह मौजूदा वक्त में अल्पसंख्यक कल्याण (Haryana Seema Cracks RAS) अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, यह पद भी बेहद जिम्मेदारियों से भरा है। वह अल्पसंख्यक महिलाओं को शिक्षित करने के लिए काम कर रही हैं। वह कहती हैं कि वह चाहती हैं कि न केवल राज्य की बल्कि देश की हर महिला शिक्षित हों, सफलता हासिल करें।

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