Connect with us

जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर की माव्या के सपनों को लगे पंख, 23 साल की उम्र में फाइटर पाइलट बन लहराया परचम

Published

on

iaf fighter pilot mavya sudan

जम्मू-कश्मीर में राजौरी की रहने वाली 23 साल की माव्या सूदन भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट के रूप में शामिल हो गई है। माव्या मूल रूप से राजौरी के गांव लंबेडी से आती है। माव्या ने तेलंगाना की डुंडिगल वायुसेना अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद बतौर फाइटर पायलट वायुसेना को जॉइन किया।

राजनीतिक विज्ञान में ग्रेजुएट हैं माव्या

माव्या सूदन ने अपनी शुरूआती पढ़ाई जम्मू के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से हासिल की जिसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी से राजनीतिक विज्ञान में ग्रेजुएशन किया। साल 2020 में माव्या सूदन ने वायु सेना की भर्ती परीक्षा देकर ट्रेनिंग ली।

कठिन ट्रैनिंग से निकलकर पहुंची वायुसेना

माव्या सूदन ने वायुसेना में शामिल होने से पहले काफी कठिन ट्रेनिंग से गुजरी है। इससे पहले भी साल 2016 में लेफ्टिनेंट अवनी चौधरी, भावना कंठ, मोहना सिंह भी ट्रेनिंग लेकर देश की पहली महिला फाइटर बनी थी। अब तक वायु सेना में 11 महिला पायलट थी जो अब माव्या के बाद 12 हो गई हैं।

एक अनुमान के मुताबिक फाइटर पायलट की ट्रेनिंग पर लगभग 16 करोड़ रुपए का खर्चा आता है।

पिता ने कहा माव्या अब देश की बेटी

माव्या सूदन की इस कामयाबी से पिता विनोद सुदन बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटी पर गर्व महसूस कर रहा हूं और माव्या सूदन अब मेरी नहीं पूरे देश की बेटी है।

बहन बोली बचपन का सपना किया पूरा

माव्या सूदन की बहन मान्यता जो वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में जेई पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने बताया कि माव्या का बचपन से ही पायलट बनने का सपना था। वह हमेशा से फाइटर पायलट बन कर प्लेन उड़ाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि जब से उन्हें इस बात की जानकारी मिली है वह बेहद खुश हैं कि मेरी बहन ने अपना सपना पूरा किया।

वहीं तेलंगाना में डुंडिगल एयरफोर्स अकेडमी पासिंग आउट परेड के बाद एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने उनका स्वागत किया।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

   
    >