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झारखण्ड

सेल्फ स्टडी के दम पर बन गई आईएएस, बिना कोचिंग के क्रैक की हिंदुस्तान की सबसे कठिन परीक्षा

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यूपीएससी को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों बच्चे यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा देने के लिए बैठते हैं। उनमें से कुछ बच्चे ही इस परीक्षा को पास करके आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) या अन्य विभागों में जाते हैं। यूपीएससी परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे विद्यार्थी महंगी महंगी कोचिंग सेंटर में कोचिंग भी हासिल करते हैं। कुछ बच्चे सेल्फ स्टडी के माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा को पास कर लेते हैं।

ऐसा ही एक उदाहरण है झारखंड (Jharkhand) के जमशेदपुर (Jamshedpur) की रहने वाली सलोनी वर्मा का। IAS सलोनी वर्मा (IAS Saloni Verma) ने अपने दूसरे ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा को पास कर लिया और ऑल इंडिया में 70 वी रैंक हासिल की है। साल 2020 में सलोनी वर्मा ने यूपीएससी की परीक्षा में 70वी रैंक हासिल की और वह आईएएस बन गई है।

ग्रेजुएशन के बाद की तैयारी

सलोनी वर्मा यूं तो झारखंड की रहने वाली है, लेकिन उनका ज्यादातर समय दिल्ली में बीता। उन्होंने दिल्ली (Delhi) से ही ग्रेजुएशन की पढ़ाई की, सलोनी वर्मा ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया था। अपने पहले प्रयास में ही वह असफल हो गई, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने 70वी रैंक हासिल की। उन्होंने यह कारनामा बिना कोचिंग (Coaching), सेल्फ स्टडी (Self Study) और मेहनत के साथ पूरा किया है।

खुद क्षमता पहचानने की है जरूरत

सलोनी वर्मा अपने कामयाबी के पीछे बताती हैं कि सबसे ज्यादा खुद की क्षमता को पहचानना जरूरी है। साथ ही साथ अपनी रुचि के बारे में जानना भी जरूरी है। वे कहती हैं कि हम सभी को अपनी क्षमता और रुचि के बारे में अच्छी तरह जाना चाहिए। साथ ही साथ तैयारी करने के लिए यूपीएससी के पूर्व टॉपर की इंटरव्यू पढ़ने चाहिए। इसके अलावा फिर यह जानना चाहिए कि तैयारी कैसे करनी चाहिए।

कोचिंग इतनी नही है जरूरी

कोचिंग लेने के लिए सलोनी वर्मा (Saloni Verma) कहती है कि कोचिंग की इतनी भी जरूरत नहीं होती। अगर आप सही तरीके से पढ़ रहे हो तो, वह कहती हैं कि कोचिंग तो केवल गाइडेंस का काम करती है। अगर आपको अच्छी गाइडेंस मिल गई हो तो कोचिंग की जरूरत नहीं होती। कोचिंग के बाद भी पढ़ाई तो खुद करनी पड़ती है। इसलिए खुद सिलेबस (Syllabus) बनाकर उसे समझना चाहिए। इसके बाद स्टडी मैटेरियल को तैयार करना चाहिए एक रणनीति बनानी चाहिए कि आपको किस तरीके से पढ़ना है और समय तय करना चाहिए कि किस सब्जेक्ट को कितने समय तक पढ़ना है।

इसके बाद इसलिए सिलेबस को पढ़कर उसे समझना सबसे ज्यादा जरूरी है। रोजाना का अगर टारगेट बनाया जाए तो वह भी यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए मदद करता है। सलोनी वर्मा कहती है कि सबसे ज्यादा रिवीजन करने से बातें दिमाग में अच्छी तरीके से बैठ जाती हैं। इसके अलावा वह कहती हैं कि आंसर राइटिंग प्रैक्टिस (Answer Writing Practise) भी करना जरूरी है। अगर आप इन सभी स्टेप्स को फॉलो करें तो यूपीएससी की परीक्षा को पास किया जा सकता है।

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