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केरल

खाट लेने वाली उम्र में वाट लगा रही है केरल की मीनाषी अम्मा

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Meenakshi Amma

जिस उम्र में बुजुर्ग लोग हिलना डुलना बंद कर देते हैं। जिस उम्र में लोग अपने स्वयं के काम भी किसी के सहारे करते हैं। उस उम्र में केरल की 78 साल की मीनाक्षी अम्मा (Keral Minakshi Amma) मार्शल आर्ट (Marshel Art) का अभ्यास करती है। आज हम आपको मार्शल आर्ट वाली मीनाक्षी अम्मा की कहानी बताएंगे।

आज भी है दम

मीनाक्षी अम्मा केरल दक्षिण भारतीय में कलारी पयट्टू (c)  के के पुनरुद्धार में एक प्रेरक शक्ति रही है। मीनाक्षी अम्मा वहां की प्राचीन प्रथा को आगे बढ़ाती है। वह 78 साल की उम्र में मार्शल आर्ट का आज भी अभ्यास (Practice) करती हैं। वही बुजुर्ग होने के बावजूद भी वह योद्धाओं के छक्के छुड़ाने का आत्मविश्वास (Confidence) रखती हैं।

Meenakshi Amma

एक वीडियो से हुई वायरल

मीनाक्षी अम्मा के वायरल होने पीछे एक बड़ी कहानी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल (Viral Video On Social Media) हुआ था जिसमें कलारी पयट्टू के खेल में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी आधी उम्र के पुरुष को हरा दिया और उस पर भारी पड़ गई। सोशल मीडिया पर यह वीडियो जबरदस्त वायरल हो गया। कलारी पयट्टू खेल तलवार (Sword) और लाठियों (Sticks) से खेला जाता है। वायरल वीडियो में जिस महिला की बात हो रही थी उनका नाम मीनाक्षी अम्मा (Meenakshi Amma) था। इसके बाद मीनाक्षी अम्मा के देशभर में चाहने वाले लोग बढ़ते चले गए।

लड़कियों को सीखने की है जरूरत

मीनाक्षी अम्मा कहती है कि एक वक्त था जब लड़कियों को बाहर निकलने से डर लगता था। उनके मन में एक डर और भय जैसा कुछ था। मुझे बचपन से कलारिपयट्टू खेलने में मन लगता था और इस खेल ने मुझ में आत्मविश्वास पैदा किया कि मैं बाहर निकलु। वे कहती हैं कि सभी लड़कियों को मार्शल आर्ट सीखने की जरूरत है, इससे आपके अंदर आत्मविश्वास Confidence) तो आएगा ही साथ ही साथ आपकी शारीरिक फिटनेस (Physical Fitness) के अलावा मानसिक बल (Mental Strength) को भी मजबूती मिलेगी।

Meenakshi amma

फ्री में सिखाती है मीनाक्षी अम्मा

मीनाक्षी मां को हाल ही में पद्म पुरस्कार (Padma Award)  से भी सम्मानित किया गया। वह कहती हैं कि उन्होंने जीवन में कभी भी पुरस्कार के लिए कोई काम नहीं किया। लेकिन वह अपने पति को इसका श्रेय देती हैं। इसके अलावा मीनाक्षी अम्मा कहती हैं कि उनके पिता ने हमेशा से उन्हें खेलने के लिए प्रेरणा (Inspire) दी और वह ताउम्र तक इस खेल का अभ्यास करती रहेंगी। साथ-साथ मीनाक्षी अम्मा कहती हैं कि वह लड़कियों को भी कलारी पयट्टू सिखाना चाहती हैं। आप बता दें तो अम्मा ने 7 साल की उम्र से कलारी पयट्टू खेलना शुरू किया था। वह आज केरल में एक वर्कशॉप (Workshop) में चलाती है जिसमें फ्री में लड़कियों को कलारी पयट्टू (Free Coaching Classes)  सिखाया जाता है। गुरु दक्षिणा के नाम पर बच्चे खुद से ही मीनाक्षी अम्मा को गुरु दक्षिणा दे जाते हैं।

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