राजस्थान को इस साल तक मिल जाएगा पहला केबिल स्टेड ओवरब्रिज- होंगी ये खासियतें!

Rajasthan: प्रदेशवासियों को जल्द ही जयपुर में पहला स्टील केबिल स्टेड ओवरब्रिज (Jaipur Steel Cable Stand Over bridge) का तोहफा मिलने जा रहा है। ओवरब्रिज का काम इस साल से आरंभ हो सकता है। इसके लिए जेडीए (JDA) ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह टेंडर प्रक्रिया 16 सितंबर को खोली जाएगी। टेक्निकल बिड और फाइनेंशियल बिड खुलने की संभावना है। नवंबर से प्रोजेक्ट का काम ग्राउंड पर शुरू किया जा सकता है। जेडीए अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए प्री-बिड मीटिंग हो चुकी है तथा इस संबंध में शर्तें और नियम भी तय कर दिए गए हैं।

जेएलएन मार्ग पर ओटीएस (OTS) चौराहे पर इस ब्रिज का काम पूरा करने के लिए जेडीए ने 12 महीने का समय निर्धारित किया है। सिग्नल फ्री जंक्शन प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर में जेडीए ये चौथा प्रोजेक्ट शुरू करेगा मौजूदा वक्त में बीटू बाइपास चौराहा, जवाहर सर्किल और लक्ष्मी मंदिर तिराहे के पास सिग्नल फ्री जंक्शन बनाने का काम शुरू किया जा चुका है।

cabil bridge

जेडीए अधिकारियों के अनुसार, ओटीएस चौराहे (OTS Chauraha) से रोजाना 55 हजार से भी ज्यादा वाहन आवागमन करते हैं। इससे चौराहे पर ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई है। पीक ऑवर्स में यहां 2 बार में रोड लाइट होने पर नंबर आता है, इसके अलावा यह रोड वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट से भी खासा महत्व रखता है, इसे ध्यान में रखते हुए अब जरूरी है कि समस्या का निस्तारण हो, इसे देखते हुए प्रोजेक्ट बनाना जरूरी हो गया है। इस प्रोजेक्ट को बनाने में तकरीबन 150 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है।

प्रोजेक्ट के फायदें!

  1. इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत जेएलएन मार्ग (JLN Marg) पर मालवीय नगर रेलवे ओवरब्रिज से गांधी सर्किल की ओर आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए ओटीएस चौराहे पर स्टील केबिल स्टेड ब्रिज बनाया जाएगा।
  2. इसके अलावा जलधारा पुलिया और ओटीएस से झालाना बाईपास (Jaipur Steel Cable Stand Over bridge) जाने वाली रोड पर दो रोटरी (गोल चक्कर) बनाए जाएंगे।
  3. जलधारा पुलिस से आने वाला ट्रैफिक, जो मालवीय नगर रेलवे ओवरब्रिज की तरफ जाना चाहता है। वह ओटीएस परिसर की ओर बनाए जाने वाले रोटरी से होकर निकल जाएंगे।
  4. जबकि झालाना बाईपास से आने वाला ट्रैफिक जेएलएन मार्ग पर बजाज नगर की ओर जाना चाहता है,  जलधारा पुलिस के पास बने गोलचक्कर से निकाला जाएगा

ओवरब्रिज की खासियत!

  1. स्टील केबिल स्टेड ब्रिज पिलर्स पर नहीं टिके होंगे। बल्कि, इसमें बड़े-बड़े स्पैन को दो पिल्लर पर बनाए गए केबिल स्टैंड के माध्यम से हुक किया जाएगा।
  2. यही कारण है कि ज्वाइंट भी सामान्य ओवरब्रिज या एलिवेटेड रोड की तुलना में कम होंगे तथा इसमें स्पेस ज्यादा रहेगा।
  3. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि केबिल ब्रिज का यूटिलिटी टाइम भी सामान्य ब्रिज से ज्यादा होता है।
  4. सामान्य ब्रिज की लाइफ 50 से 60 साल होती है, जबकि केबिल ब्रिज का यूटिलिटी टाइम 70 से 80 साल का होगा।

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