झुंझुनूं: नूआं कस्बे की अफसर फैमिली के सगे भाई-बहनों को मिला चीफ आर्मी स्टाफ कमेंडेंशन अवॉर्ड!

Jhunjhunun Kayamkhani Muslim Pariwar: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक कस्बा है- नूआं। जहां झुंझुनूं जिला देश को सैनिक देने के लिए मशहूर है, वहीं जिले का नूआं सेना में अफसर देने के लिए खूब जाना जाता है, और इसकी वजह है कायमखानी मुस्लिम परिवार, इस परिवार को ‘अफसरों की खान’ के रूप में भी जाना जाता है।

Kayamkhani Muslim Pariwar

अब इस परिवार के फौजी भाई-बहन को आर्मी स्टाफ कमेंडेशन अवार्ड से  नवाजा गया है। भारतीय सेना में अपनी श्रेष्ठ सेवाओं के लिए 75वें स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली में ब्रिगेडियर शाकिब हुसैन (Shakib Husain) को चीफ आर्मी स्टाफ कमेंडेंशन अवॉर्ड ( COAS Commendation Card Award) तथा उनकी सगी बहन लेफ्टिनेंट कर्नल इशर अहमद (Ishrat Ahmad) को वाइस आर्मी स्टाफ कमेंडेशन अवॉर्ड (VCOAS Commendation Card Award)से सम्मानित किया गया है। बिग्रेडियर शाकिब हुसैन और लेफ्टिनेंट कर्नल इशरत अहमद नूआं (Nua) के सब्दल खां के घर से संबंध रखते हैं, इनका परिवार प्रदेश में सबसे ज्यादा अफसर देने वाले परिवारों में से एक है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनके दो बेटों के परिवार में बेटा, बेटी, भांजे और दामाद को मिलाकर कुल 15 अफसर हैं। वे प्रशासनिक सेवा और भारतीय सेना में अधिकारी पद पर कार्यरत हैं।

muslim pariwar

ब्रिगेडियर शाकिब हुसैन दिल्ली और लेफ्टिनेंट कर्नल इशरत अहमद जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। भारतीये सेना में शाकिब ने 28 साल तो बहन इशरत ने 21 सालों से सेवा दे रही हैं। दोनों ही भाई-बहनों को लेफ्टिनेंट पद पर भारतीय सेना में कमिशन मिला था। यह पहला अवसर है कि दोनों को एक साथ सम्मानित किया गया। इस बार 396 अधिकारियों और जवानों को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेंशन अवार्ड से नवाजा गया है, जबकि 408 अधिकारियों और जवानों को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेंशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। दोनों भाई-बहनों को एक साथ इतना सम्मान मिलना राजस्थान के लिए गर्व की विषय है।

इस परिवार से निकले हैं ये अफसर

liyakat

लियाकत खान (फोटो के दाएं ओर) साल 1972 में आरपीएस (Rajasthan Police Service) के रूप में चयनित हुए थे, प्रमोशन के बाद वह आईपीएस (IPS) बने और आईजी (IG) के पद से रिटायर्ड हुए। वह वक्फ बोर्ड के चैयरमैन भी रहे। साल 2020 में उनका इंतकाल हो गया था। वहीं, लियाकत खान के छोटे भाई अशफाक हुसैन (फोटो के दाएं ओर)  का चयन सन् 1983 में आरएएस (RAS) के पद पर हुआ था। साल 2016 में उनका आईएएस (IAS) के पद पर प्रमोशन हुआ। वह शिक्षा विभाग में विशेष शासन सचिव, दौसा जिला कलेक्टर और दरगाह नाजिम भी रहे। वह साल 2018 में रिटायर हुए थे।

zakir khan

जाकिर खान (फोटो के दाएं ओर) भी बड़े भाई लियाकत खान और अशफाक हुसैन के पद चिन्हों पर चले और सीधे आईएएस (IAS) बने। वह मौजूदा वक्त में सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में कलेक्टर हैं। लियाकत खान के बेटे शाहीद खान भी अफसर हैं। वह सीनियर आरएएस (RAS)अधिकारी हैं। मौजूदा वक्त में वह सीएमओ (CMO) में तैनात हैं। इससे पहले वह अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के ओएसडी (officer on Special Duty) भी रहे हैं।

salim khan

मोनिका खान शाहीन खान की पत्नी हैं। वह जेल अधीक्षक के रूप में चयनित हुई थीं। मौजूदा वक्त में वह डीआईजी (DIG) जेल जयपुर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, लियाकत खान के भतीजे शाकिब खान भारतीय सेना में इंडियन आर्मी बिग्रेडियर हैं, जिन्हें इस स्वतंत्रता दिवस चीफ आर्मी स्टाफ कमेंडेंशन अवार्ड ( COAS Commendation Card Award) से सम्मानित किया गया है। लियाकत खान के भांजे सलीम खान सीनियर आरएएस (RAS) अधिकारी हैं,वह उप-शासन सचिव शिक्षा के पद पर कार्यरत हैं तो वहीं उनकी पत्नी शना खान भी आरएएस अधिकारी हैं। वहीं परिवार की सदस्य फराह खान भी आईएएस हैं। उनका सिलेक्शन 2016 में हुए था, वह जोधपुर में पोस्टेड हैं, तो फराह खान के पति कमर उल जमान चौधरी भी आईएए हैं, वह जम्म-कश्मीर के रहने वाले हैं

kayamkhani pariwar

आरएएस सलीम खान के बहनोई जावेद खान (Jawed Kahan) भी आरएएस हैं। वह जयपुर में मंत्री साले मोहम्मद के पीएस के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इंडियन आर्मी में बिग्रेडियर शाबिक की बहन इशरत खान कर्नल पद पर हैं। कर्नल जकी अहमद इस फैमिली में सबसे पहले अफसर बनी थीं 1972 में इनका चयन लेफ्टिनेंट के पद पर हुए था।

shafiq ahmad

शफिक अहमद खान, भारतीय लेखा परीक्षा विभाग में वरिष्ठ लेखापरीक्षा अधिकारी केपद पर तैनात हैं। वह साल 2016 में रिटायर्ड हुए थे। वहीं इस परिवार की 15वीं अफसर कायनात खान हैं। कायनात जयपुर में स्थित राजस्थान परिवार में विधि (Jhunjhunun Kayamkhani Muslim Pariwar) रचनाकार हैं।

कायनात के बारे में और पढ़ें- झुंझुनू के नूआं के इस मुस्लिम परिवार में हैं 15 अधिकारी, अब बेटी कायनात खान बनी अफसर

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