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मध्य प्रदेश

अपने बेबाक अंदाज से 8 बार हुआ इन IAS अधिकारी का ट्रांसफर, हर विभाग में चुकाते हैं ईमानदारी की कीमत

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एक आईएएस ऑफिसर सरकार के साथ मिलकर काम करता है, किसी भी अधिकारी से ड्यूटी जॉइन करने के बाद कई तरह के नियम कायदों का पालन करने की उम्मीद की जाती है। अक्सर कई आईएएस अधिकारी अपनी ड्यूटी को लेकर चर्चा में रहते हैं या फिर कुछ अपने काम करने के अंदाज को लेकर।

आज एक ऐसे ही आईएएस अधिकारी के बारे में आपको बताएंगे जो अपनी टिप्पणियों की वजह से आए दिन चर्चा में रहते हैं, जी हां, हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के अपर कलेक्टर आईएएस लोकेश जांगिड़ की जिनको अपनी कही बातों की वजह से ट्रांसफर तक झेलना पड़ा है। ताजा मामले में लोकेश का ट्रांसफर राज्य शिक्षा केंद्र में किया गया है जिसके बाद लोकेश आईएएस अधिकारियों के एक व्हाट्सएप्प ग्रुप में बड़वानी कलेक्टर और मध्य प्रदेश के अफसरों पर कई टिप्पणियां की और नोटिस थाम बैठे।

अब तक हुआ 8 बार ट्रांसफर

साल 2014 बैच के आईएएस ऑफिसर लोकेश जांगिड़ को अभी तक कुल 8 बार ट्रांसफर का सामना करना पड़ा है। इससे पहले लोकेश ने अफसरों के एक व्हाट्सएप्प ग्रुप में व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।

लोकेश अपने गृह जिले में करना चाहते हैं ड्यूटी

बता दें कि लोकेश के 87 साल के दादा टाइप-2 डायबिटीज से परेशान हैं और उनकी मां भी बीमार रहती है, इसलिए वह काफी समय से अपने गृह जिले में ही नौकरी करना चाहते हैं जिसके लिए उन्होंने 11 जून को डीओपीटी को चिट्ठी लिख गृह राज्य महाराष्ट्र में तीन साल के लिए इंटर कैडर डेपुटेशन पर जाने की इच्छा भी जताई थी।

लोकेश की टिप्पणियां रही है राजनैतिक बहस का केंद्र

बता दें कि लोकेश जांगिड़ की टिप्पणियां काफी बार राजनैतिक बहस का केंद्र भी रही है, वहीं उनकी टिप्पणी पर राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि किसी भी आईएएस अफसर की भाषा अनुशासनहीनता से बाहर नहीं जानी चाहिए।

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