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महाराष्ट्र

देश की पहली ट्रांसजेंडर फोटो जर्नलिस्ट है ज़ोया, भीख मांगकर खरीदे सेकंड हैंड कैमरे ने बदल दी जिंदगी

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देश में ट्रांसजेंडर समुदाय के हालातों पर अगर हम बात करना शुरू करें तो सम्मान को तरसते चेहरे, बेरोजगारी औऱ मुफलिसी में जीवन बिताती ना जाने कितनी ही कहानियां हमारी आंखों के सामने तैरने लगेगी।

आजादी के 70 से अधिक सालों बाद भी एक तबका आज भी समाज में अपनी जगह की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इसी समाज में रहकर उदाहरण स्थापित कर जाते हैं।

ऐसी ही कहानी है मुंबई निवासी ज़ोया की जिन्होंने तमाम मुश्किलों को पार करते हुए बतौर ट्रांसजेंडर अपनी स्किल दुनिया को दिखाई और आज हर कोई उनके काम का कायल है।

ज़ोया थॉमस लोबो के मुताबिक वह देश की पहली ट्रांसजेंडर फोटोजर्नलिस्ट है। ज़ोया को 11 साल की उम्र में यह पता चला कि वह दूसरे अन्य लड़कों से अलग है।

ट्रेन में मांगती थी भीख

ज़ोया बताती है कि उनके परिवार की आर्थिक हालात बेहद खराब थी जिसकी वजह से उन्हें 5वीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। वह बताती है कि जब वह 18 साल की थी तब पैसे के लिए वह मुंबई की लोकल ट्रेन में भीख मांगा करती थी।

सेकंड हैंड कैमरा खरीदने के बाद बदली जिंदगी

ज़ोया बताती है कि वह बचपन से ही आंखों से देखे गए पलों को कैमरे के कैद करने के बारे में सोचती थी लेकिन वह कैमरा खरीदने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकती थी।

आखिरकार फिर ज़ोया ने ट्रेन में मांगे हुए पैसे इकट्ठा करना शुरू और उनकी मदद से अपना पहला सेकंड हैंड कैमरा खरीदा।

जोया के पास अब कैमरा तो था लेकिन काम नहीं था ऐसे में उसकी सपने फिर धुंधले पड़ने लग गए। इसी बीच जोया को ट्रांसजेंडर पर बन रही एक शॉर्ट फिल्म में छोटा सा किरदार मिल गया।

प्रवासी मजदूरों की तस्वीर हुई वायरल

जोया बताती है कि शॉर्ट फिल्म की शूटिंग के दौरान वह एक न्यूज़ चैनल के संपादक से मिली जिन्होंने उन्हें नौकरी ऑफर की।

ज़ोया के लिए जिंदगी ने तब मोड़ लिया जब कोरोना महामारी के दौरान पिछले साल देशव्यापी लॉकडाउन लगा और प्रवासी मजदूर मुंबई से पलायन करने लगे। जोया ने मजदूरों की तस्वीरें उतारना शुरू किया और कई मीडिया संस्थान को भेजी।

अपने कौशल को निखारना चाहती है जोया

हालांकि जोया की जिंदगी में पिछले एक साल में कई बदलाव आए हैं लेकिन अब भी वह एक बतौर फोटोजर्नलिस्ट नौकरी की तलाश में है। वह चाहती है कि मेरे कौशल को देखते हुए अगर कोई मुझे नौकरी पर रखे तो मैं आगे बड़े स्तर पर काम करना चाहूंगी।

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