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महाराष्ट्र

गाँव के बुजुर्ग के साथ सड़क पर बैठे इस आधिकारी की सादगी के मुरीद हुए लोग

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ramesh ghopal

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर जबरदस्त वायरल (Viral Photo) हो रही है जिसमें एक अधिकारी गांव के एक व्यक्ति के साथ रोड पर बैठा हुआ नजर आ रहा है। वह अधिकारी कोई और नहीं आईएएस रमेश घोलप (IAS Ramesh Gholap) है। आईएएस अधिकारी नाम सुनते ही मन में एक तेजतर्रार काम करने वाले इंसान की छवि बन कर सामने आती है। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर जो तस्वीर वायरल (Viral Photo Of IAS Officer)  हुई है उसे देखकर लगता है कि आईएएस अधिकारी बनने के बाद भी कुछ लोग जमीन (Down to Earth) से जुड़े और गांव के लोगों की बात को उन्हीं की तरह समझने का प्रयास करते है। सोशल मीडिया पर आईएएस रमेश घोलप की तस्वीर वायरल (Virat Photo Of IAS Ramesh Gholap) हो रही है। वह गांव की धरती पर एक बुजुर्ग आदमी के साथ बैठकर ठहाके लगाते हुए नजर आ रहे हैं। आईएएस अधिकारी रमेश ने खुद इन तस्वीरों को अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया।

कैप्शन ने जीता दिल,लोग कर रहे है तारीफ

आईएएस रमेश घोलाप ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि तजुर्बा है मेरा मिट्टी की पकड़ मजबूत होती है संगमरमर (Sangmarmar)  पर तो हमने पांव फिसलते देखे हैं। इसके बाद उन्होंने हैशटैग लगाते हुए लिखा कि #मेरागांव #जन्मभूमि #माझीगावाकडची_माणसं #बप्पा। आईएएस अधिकारी रमेश घोलप द्वारा तस्वीर शेयर करने के बाद ट्विटर पर लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। लोग उनकी सादगी और जमीन से जुड़े होने की तारीफ करते हुए लिख रहे हैं कि ऐसा लगा रहा शायद ही कहीं और देखने को मिले। तस्वीरों में आईएएस अधिकारी रमेश की सिक्योरिटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों को गाड़ी में बैठे हुए भी देखा जा सकता है। आईएएस अधिकारी रमेश (IAS Officer Ramesh) गांव की रोड पर बैठे बुजुर्ग के साथ ठहाके लगाते नजर आ रहे हैं।

IAS Ramesh Gholap

अपने गांव की तस्वीर शेयर

महाराष्ट्र सोलापुर जिले (Maharashtra Solapur) के वारसी तहसील (Varsi Tehsil) के महा गांव के रहने वाले रमेश घोलप के पिता साइकल ठीक करने का काम किया करते थे। आर्थिक तंगी होने की वजह से रमेश ने अपने चाचा के यहां दूसरे गांव में जाकर पढ़ाई की थी। बचपन में रमेश को पोलियो (Polio) की बीमारी भी हो गई थी। वही रमेश की मां विमल देवी चूड़ी बेचने का काम करती थी और उनके पिता गोरखा घोलप साइकिल रिपेयरिंग करके घर चलाते थे। कई बार रमेश ने भी अपने माता पिता कामों में उनका हाथ बढ़ाया।

पिता के मौत के बाद की पढ़ाई

रमेश घोलप जिस वक्त 12वीं कक्षा में पढ़ रहे थे तब उनके पिता की मौत हो गई थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बीएसटीसी (BST)  किया। उसके बाद शिक्षक के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। रमेश की मां हमेशा से चाहती थी कि रमेश एक बड़े अफसर बने और अपनी मां की प्रेरणा से रमेश ने यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया। साल 2012 में अपने पहले प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया में 287 वी रैंक (AIR 287) हासिल करके यूपीएससी क्लियर (UPSC) कर आईएएस अफसर बन गए।

IAS Ramesh Gholap

झारखण्ड कैडर के है अफसर

आईएस रमेश घोलप झारखंड कैडर (Jharkhand Cadre) के आईएएस अफसर बने। वह इस वक्त झारखंड में एमडी पद (MD) पर झारखंड राज्य की एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (Agriculture Marketing Board)  पर कार्यरत है। रमेश घोलप कोडरमा जिले के डीसी (DC of Kodarma District)  के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं जब उनके पोस्टिंग हुई तब उन्होंने लिखा था कि पोस्टिंग के दौरान पद और जनता को न्याय देने का प्रयास किया। आम जनों, जनप्रतिनिधि, वरीय अधिकारियों, जिले के अधिकारी, कर्मी, प्रेस के साथियों का आभार पिछले साल का समय बेहतरीन था। कठिन समय में लोगों की सेवा देने का मौका मिला उसके लिए धन्यवाद।

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