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महाराष्ट्र

10वीं में पढ़ने लगे थे यूपीएससी के नोट्स, 22 की उम्र में IAS बन हर किसी को चौंकाया

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आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताएंगे जिसमें मेहनत और जुनून दोनों की झलक आप देख सकते हैं। हम बात कर रहे हैं वैभव गोंडाने की जिन्होंने 22 साल की उम्र में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।

महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले वैभव गोंडाने ने साल 2018 में यूपीएससी की परीक्षा 25वीं रैंक के साथ पास की और 22 साल की उम्र में उन्होंने आईएएस अफसर अधिकारी बनकर अपने परिवार का नाम रोशन किया।

10वीं कक्षा से सोच लिया लक्ष्य, मां बाप को है खुशी

हम जानते हैं कि यूपीएससी की सिविल परीक्षा देश ही नहीं दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों बच्चे इस परीक्षा को पास करने के लिए प्रयास करते हैं लेकिन बहुत कम बच्चे ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। वैभव ने इस परीक्षा में सफलता पहले प्रयास में पाई।

सेल्फ मोटिवेशन है सबसे जरूरी

वैभव कहते हैं कि उन्होंने 10वीं कक्षा से ही यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया था। वह बताते हैं कि खुद के अंदर मोटिवेशन होना बहुत जरूरी है। अगर किसी भी अभ्यर्थी के भीतर सेल्फ मोटिवेशन और पढ़ाई हो तो बेहतर रणनीति और समर्पण के बाद परीक्षा जरूर पास हो सकती है।

तैयारी करने वालो को देते है यह संदेश

वैभव तैयारी कर रही है सभी विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहते हैं कि सभी तैयारी करने वाले बच्चों को 50-50 का फार्मूला अपनाना चाहिए। वे कहते हैं कि 50% रीडिंग और 50% नोट्स मेकिंग बनानी चाहिए। अगर इस प्रक्रिया को फॉलो किया जाए तो परीक्षा को पास किया जा सकता है।

केवल 22 साल की उम्र में आईएएस अफसर बनने वाले वैभव गोंडाने हर युवा के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने साबित किया है कि मेहनत, ईमानदारी और दृढ़ निश्चय करके किसी मुकाम को हासिल करने का प्रयास किया जाए तो उस मंजिल को जरूर पाया जा सकता है।

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