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बॉक्सर रितु पार्किंग में पर्चियां काट गुजारा करने को मजबूर, बीमार पिता के इलाज के लिए बॉक्सिंग को कहा अलविदा

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ओलंपिक खेलों का समापन हुआ, पूरी दुनिया की नजरों में रहने वाली इस खेल प्रतियोगिता में इस बार भारत के प्रदर्शन ने हर किसी को चौंकाया। भारत ने ओलंपिक में इस बार 7 पदक हासिल किए जो पिछली बार के ओलंपिक से ज्यादा है।

ओलंपिक में खेलने वाले खिलाड़ी अब जब देश लौट रहे हैं तो उनकी मान-मनुहार जोरों-शोरों से की जा रही है, सरकारें भी अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दे रही है लेकिन क्या इन खिलाड़ियों के लिए सरकार उस समय मौजूद थी जब उन्हें उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। हम यह सवाल इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि आप बॉक्सर रितु को देखिए जिनकी कहानी देखने के बाद आप अपने आप से यह सवाल पूछने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

आजीविका के लिए रितु काटती हैं पार्किंग की पर्चियां

बॉक्सर रितु की चंडीगढ़ से कुछ पिक्चर हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आई जिसमें वह अपनी आजीविका के लिए पार्किंग की पर्चियां काटती हुई दिख रही है। रितु ने खुद बताया कि उनके पिता की तबियत खराब है ऐसे में वह खेल को छोड़कर अब आजीविका और अपने पिता के इलाज के लिए ये काम कर रही है।

इंटरनेशनल लेवल पर खेली है रितु

आपको बता दें कि रितु ने नेशनल लेवल पर कई मैच खेले हैं जिनमें उनके नाम कई मेडल भी शामिल है। वह कहती है कि मुझे सरकारी संस्थान की तरफ से आज तक कोई मदद नहीं मिली है और ना ही कोई स्कॉलरशिप। हालांकि सोशल मीडिया पर रितु की फोटो वायरल होने के बाद लोग उनकी मदद करने के लिए अब आगे आए हैं।

   
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