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अलवर

पिता चलाते हैं परचून की दुकान और मां करती है सिलाई, बेटा 7वीं रैंक हासिल कर बना RAS अधिकारी

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जिंदगी की विषम परिस्थितियां इंसान को बहुत कुछ सिखाती है, असल में इन परिस्थितियां से निकलने के बाद ही इंसान अपनी मंजिल की ओर बढ़ पाता है। कुछ ऐसी कहानी आज हम आपको बताने जा रहे हैं जहां कभी परचून की दुकान पर बैठने वाला एक लड़का अपनी मेहनत के बूते आज आरएएस अधिकारी बन गया।

राजस्थान के अलवर में लक्ष्मणगढ़ उपखंड के मौजपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले रवि कुमार गोयल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा मंगलवार रात जारी आरएएस परीक्षा 2018 परिणाम में 7वीं रैंक हासिल की है।

पिता चलाते हैं परचून की दुकान

रवि गोयल के पिता गांव में एक परचून की दुकान चलाते हैं और उनकी माता सिलाई करके घर चलाने में सहयोग करती है। रवि के पिता ने परचून की दुकान से ही बेटे को पढ़ाया है वहीं रवि की पढ़ाई में उनकी बड़ी बहनों ने भी काफी मदद की, जो दोनों टीचर हैं।

पालने में दिखे पुत के पांव

रवि गोयल अपने स्कूल के दिनों से ही पढ़ाई में होनहार थे और पढ़ाई में उनका बहुत मन लगता था। रवि ने 10वीं में 67 प्रतिशत, 12वीं में 70 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन, जेआरएफ, नेट, गेट व एसआरएफ की डिग्री भी ली।

तीसरे प्रयास में रवि को मिली कामयाबी

रवि ने एक सामान्य परिवार में पैदा होने के बाद आरएएस तक का एक लंबा सफर तय किया है। रवि ने पहली बार 2013 में आरएएस परीक्षा में 870वीं रैंक हासिल की जिसके बाद दूसरे प्रयास में उन्हें 95वीं रैंक मिली लेकिन रवि ने हार नहीं मानी और अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने 7वीं रैंक हासिल कर टॉप टेन में जगह बनाई।

माता-पिता को देते हैं सफलता का श्रेय

रवि गोयल ने सफलता हासिल करने के बाद माता-पिता को इसका श्रेय दिया। रवि कहते हैं कि उनके माता-पिता ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान मैं भी काफी बार हमारी दुकान पर बैठा हूं।

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