राजस्थान के पूर्व दलित मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया की राजनीति की कहानी जो बस 13 महीने सीएम रह सके

इस माहमारी के बुरे वक़्त में रोजाना कोई न कोई बुरी खबर हमारे सामने आ रही है। इसी बीच राजस्थान से भी एक दुखद खबर आई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार और हरियाणा के राज्यपाल रहे जगन्नाथ पहाड़िया का बुधवार को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जगन्नाथ पहाड़िया गुड़गांव के अस्पताल में भर्ती थे और वह को’रोना से संक्र’मित थे। जगन्नाथ पहाड़िया भारतीय राजनीति व कांग्रेस के एक कद्दावर नेता के रूप में माने जाते थे।

वह राजस्थान के एकमात्र दलित सीएम यानी मुख्यमंत्री भी रहे। 13 महीने के कार्यकाल में उन्होंने राजस्थान में पूरी तरीके से श’राब बंदी कर दी थी। वह राजस्थान की मुख्यमंत्री के रूप में साल 1980 से 81 तक रहे। 13 महीने बाद कुर्सी छोड़ने का कारण बड़ा ही अजीब बताया जाता है। बताया जाता है कि किसी एक कार्यक्रम में कवित्री महादेवी वर्मा पर उन्होंने एक टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने कह दिया था कि महादेवी वर्मा की कविता सिर के ऊपर से निकल जाती है, उनकी कोई भी कविता समझ नहीं आती।

उन्होंने कहा कि साहित्य, ऐसा होना चाहिए जो सब लोगों को आसानी से समझ में आ जाए। इससे नाराज होकर महादेवी वर्मा ने तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से शिकायत कर दी। जिसके बाद जगन्नाथ पहाड़िया को मात्र 13 महीने बाद इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन इसके बाद वह राजनीति में मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं,राज्यपाल के तौर पर वापिस आए। बिहार और हरियाणा राज्य के राज्यपाल भी रहे।

जगन्नाथ पहाड़िया की राजनीति में एंट्री का एक रोचक किस्सा माना जाता है, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उनसे कहा था कि आप चुनाव के नहीं लड़ते! तब जगन्नाथ पहाड़िया ने जवाब में कहा कि आप मुझे टिकट दे दीजिए मैं चुनाव लड़ लूंगा। इसी के चलते साल 1957 में जगन्नाथ पहाड़िया को सवाई माधोपुर सीट से लोकसभा चुनाव की टिकट दे दी गई और मात्र 25 वर्ष की आयु में वह देश की दूसरी लोकसभा में सबसे कम उम्र के सांसद बनकर सदन में पहुंचे।

जगन्नाथ पहाड़िया को संजय गांधी का बेहद करीबी माना जाता था, इसी के चलते उनका राजनीतिक करियर भी बड़ी तेजी से आगे बढ़ा। राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने कई बड़े-बड़े नेताओं को पछाड़ दिया और वह पहले दलित मुख्यमंत्री चुने गए। जगन्नाथ पहाड़िया चार बार लोकसभा के सांसद चुने जा चुके हैं वह साल 1957,1967,1971 और 1980 में लोकसभा चुनाव जीतकर सदन में पहुंच चुके थे। वही साल 1980,1985,1990 और 2003 में वह विधायक भी रह चुके हैं।

जगन्नाथ पहाड़िया के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया उन्होंने लिखा कि “मैं जगन्नाथ पहाड़िया के निधन से दुखी हूं। राजनीति में रहकर उन्होंने सामाजिक सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके परिवार और करीबी व उनके सहयोगियों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।

वही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि,उनके निधन की खबर सुनने के बाद दुखी हूं। वह राज्य के मुख्यमंत्री राज्यपाल व केंद्रीय मंत्री भी रहे। वह देश के कद्दावर नेता थे। उनकी याद में राजस्थान में 1 दिन का राजकीय शोक मनाया जाएगा। इस दिन सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। वही तिरंगा झंडा भी आधा झुका रहेगा।

वहीं राजस्थान इस माहमारी के बुरे वक़्त में प्रभावित राज्यों में से एक है। वही राज्य में धारा 144 को 21 जून तक बढ़ा दिया गया हैं। इसके मुताबिक राज्य में किसी भी जगह 5 लोगो से ज्यादा इकट्ठे नहीं हो सकते हैं। वहीं राज्य में लॉक डाउन 24 मई सुबह 5:00 बजे तक बढ़ाया जा चुका है।

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