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भरतपुर

जगन्नाथ पहाड़िया : राजस्थान का एकमात्र दलित मुख्यमंत्री जिसने नेहरू के कहने पर लड़ा पहला चुनाव

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जगन्नाथ पहाड़िया जो एक भारतीय राजनीतिज्ञ, कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं राजस्थान के प्रथम दलित मुख्यमंत्री थे। राजस्थान की राजनीति का बड़ा नाम कई ऐतिहासिक राजनीतिक उठापटक का गवाह रहा है।

पहाड़िया का जन्म 15 जनवरी 1932 को राजस्थान के भरतपुर जिले के भुसावर में हुआ था। पहाड़िया राजस्थान में पूर्णरूप से शराबबंदी करने वाले प्रथम मुख्यमंत्री माने जाते हैं।

चार बार रहे विधायक और सांसद

जगन्नाथ पहाड़िया ने बहुत कम उम्र में राजनीति में जगह बना लेने के बाद 1957 में पहली बार पहाड़िया सवाईमाधोपुर से चुनाव लड़े और लोकसभा पहुंचे। उस समय वे लोकसभा के सबसे युवा सांसद रहे। अपने राजनीतिक जीवन काल मे पहाड़िया 4 बार विधायक और सांसद रहे।

सन 1957, 1967, 1971 और 1980 में सांसद तथा 1980, 1985, 1999 और 2003 में विधायक रहे। 1989-90 तक बिहार के एवं 2009-14 तक हरियाणा के राज्यपाल भी रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन में लंबे समय तक देश की सेवा की और सामाजिक सशक्तिकरण में भी पहाड़िया जी ने उल्लेखनीय योगदान दिया।

राजस्थान के पहले दलित मुख्यमंत्री

पहाड़िया 6 जून 1980 से 14 जुलाई 1981 तक सिर्फ 13 महीने राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। इस छोटे से कार्यकाल में उन्होंने प्रदेश में पूरी तरह शराबबंदी लागू की। वो इंदिरा गांधी कैबिनेट में भी मंत्री रहे थे तब उन्होंने वित्त, उद्योग, श्रम, कृषि जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

पहाड़िया राजस्थान के एकमात्र दलित मुख्यमंत्री रहे हैं। अपने बेबाक अंदाज की वजह से पहाड़िया ने जल्द ही राजनीति में अहम जगह बना ली थी। बताया जाता है कि 1957 में एक बार उस वक्त के दिग्गज नेता मास्टर आदित्येन्द्र, पहाड़िया को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मिलवाने ले गए थे, उस वक्त पहाड़िया सिर्फ 25 साल के थे।

पंडित नेहरू के हाल-चाल पूछने पर उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया कि सब ठीक है किंतु दलितों को रिप्रजेंटेशन ठीक से नही मिल रहा है। इस पर पंडित नेहरू ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा और पहाड़िया तुरंत तैयार भी हो गए। 1957 में सांसद का चुनाव जीतने के साथ ही उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था।

जगन्नाथ पहाड़िया अपने राजनीतिक जीवन मे इंदिरा गांधी एवं संजय गांधी के भी काफी करीब रहे। 80 के दशक में जगन्नाथ पहाड़िया की पहचान राजनीतिक पृष्ठ पर एक कामयाब दिग्गज नेता के रूप में होने लग गई थी।

19 मई 2021 को कोरोना की वजह से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में दिग्गज राजनीतिज्ञ जगन्नाथ पहाड़िया का निधन हो गया।

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