नक्सलियों और आतंकियों को शौर्य का लोहा मनवा चुके हैं देवेंद्र सिंह, मिला- उत्कृष्ट सेवा पदक

यूं तो राजस्थान के जवानों ने हमेशा से ही देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब दिया है। फिर बात झुंझुनूं की हो या फिर सीकर की, राजस्थान की मिट्टी से उपजे ये जवान हाड मांस के बने हुए हैं, जिनके शौर्य और पराक्रम पर लेशमात्र भी संशय नहीं किया जा सकता।

यही कारण है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडेंट देवेंद्र सिंह (Bikaner CRPF Commandant Devendra Singh) को 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उनकी बहादुरी के लिए ‘उत्कृष्ट सेवा पदक-UTKRISHT SEVA PADAK’ से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें झारखंड (Jharkhand) में नक्सलियों का सफाया करने के उद्देश्य से दिया गया है।

 

Bikaner CRPF Commandant Devendra Singh

देवेंद्र बीकानेर (Bikaner) के श्रीडूंगरगढ़ (Shridungargarh) के सोनियासर गांव (Soniyasar village) के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने शौर्य का लोहा नक्सलियों को भी मनवाया है और आतंकियों को भी। वह अर्ध सैनिक पुलिस बल के एक बहादुर और कर्तव्यपरायण जवान हैं। जवान की बहादुरी और उत्तम टीम वर्क का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘ऑपरेशन विजय’ के दौरान  एक जवान की मौ’त हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। ऐसे में जवान देवेंद्र जख्मी जवान को अपनी पीठ पर लादकर तो लाए ही, साथ ही. साथी जवान के शव को भी वह अपने साथ लेकर पहुंचे। टीम के लिए जान की बाजी लगाने वाले जवान देवेंद्र डूंगर कॉलेज के विद्यार्थी रहे हैं।

 

UTKRISHT SEVA PADAK

 

देवेंद्र सिहं कस्वा (Devendra Singh Kaswa) का अर्ध-सैनिक पुलिस बल (CRPF) में दो दशक का सर्विस रिकॉर्ड गौरवान्वित कर देने वाला रहा है। इन्होंने झारखंड में नक्सलियों का सफाया किया और इन दिनों जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियो से लोहा ले रहे हैं। जवान ने झारखंड में कोबरा बटालियन में 4 साल तक कई अभियान की कमांड संभाली है। तब ऐसे मौके भी आए जब देवेंद्र सिंह कस्वा ने अपनी जान की बाजी लगा नक्सलवादियों की ईट से ईट बजाकर रख दी थी।

साल 2016 में देवेंद्र सिंह को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) की तरफ से वीरता के लि शौर्य पदक से नवाजा जा चुका है। ये पद भी उन्हें कई बार नक्सली क्षेत्रों में अपने अदम्य साहस से दुश्मन से लोहा लेने तथा आतंकवादियों को ढेर करने के लिए दिया गया था। साल 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में परेड का नेतृत्व किया, द्वितीय कमान अधिकारी के रूप में प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था।

 

Bikaner CRPF Commandant Devendra

मौजूदा वक्त में देवेंद्र सिंह (Bikaner CRPF Commandant Devendra) की फैमिली बीकानेर की जयनारायण व्यास कॉलोनी में रहता है, उनके पिता गिरधारी लाल कस्वां और मां रुख्वा देवी हैं। उनकी दो बेटियां- दिव्यांशी सिंह और गीतांशी सिंह भी यही रहती हैं। जवान का जन्म 15 अक्टूबर, 1979 में बीकानेर में हुआ था,

इन्होंने बीबीएस से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की, जिसके बाद में वह केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने गए। डूंगर कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन किया। साल 2002 में वह सीआरपीएफ (CRPF) में एसिस्टेंट कमांडेटं बनने के बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल तथा छ्त्तीसगढ़ जैसे नक्सली प्रभावित राज्यों में अपनी उत्तम सेवाएं दीं, वर्तमान में वह कमांडेट के पद पर कश्मीर में अपनी सेवा दे रहे हैं।

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