बिना पंख उड़ान भरे, जज्बा ऐसी चीज, जीवन को खुशियों से भर लो, ऐसा बोवो बीज।

दोस्तों नमस्कार! दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी शख्सियत से रूबरू करवाने जा रहा हूं जिसने रीट (REET-2021) में 141 अंक (141 Number in REET) लाकर प्रथम स्थान (Topper REET) प्राप्त किया है। लालू राम (Laloo Ram REET Topper) साधारण किसान का बेटा बीकानेर (Bikaner) से पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कह रहे हैं कि पुंगल पंचायत में इतने नंबर मैंने अभी तक किसी के सुने नहीं है लेकिन हो भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि मोटिवेट (Motivate) करने वाले कम हैं और डीमोटिवेट (Demotivate)  करने वाले बहुत ज्यादा हैं।

आज समाज के अंदर ताना मारने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। लेकिन ताना मारने से जज्बा और उभर कर आया है। आज समाज में गिराने वाले ज्यादा है। लेकिन उनसे मजबूती मिलती है। वह कहते हैं कि मैंने 2017 में एसटीसी (STC) की और यह मेरा फर्स्ट अटेम्प्ट (1st Attempt)  है। दसवीं तक मैं यहां दल्लीतला स्कूल में पढ़ा और 11वीं, 12वीं मेरी मौसी के पास कोलायत तहसील में जज्हू में पढ़ा। वहां पर मुझे अध्यापकों ने नौकरी लगने का सबसे शॉर्टकट (ShortCut) तरीका बीएसटीसी (BST) को ही बताया। उन्होंने बताया कि मैंने धीर सिंह जी धाबाई के वीडियो देखें और उनसे मैंने बहुत प्रेरणा ली,और मोटिवेट हुआ। उनका मुख्य सब्जेक्ट साइकोलॉजी (Psychology) है, जो मेरे रीट में भी था। दूसरा नाम सूरतगढ़ के भाटिया जी का है। उनसे मैंने पढ़ाई भी की है और प्रेरणा भी ली है।

Laloo Ram REET Topper

सब्जेक्ट के बारे में पूछने पर वह कहते हैं कि कोई भी सब्जेक्ट हार्ड या कमजोर नहीं होता। यह केवल मन की भावना है। उस भावना को अपने ऊपर हावी मत होने दो। परिवार में कौन-कौन है का जवाब देते हुए वह कहते हैं कि हम चार भाई हैं। माता पिता है और 100 साल की दादी है। जिस वक्त रिजल्ट आया उस वक्त आप क्या कर रहे थे, पर वह कह रहे हैं कि उस वक्त मैं ग्वार काट रहा था।

मैंने गुरु जी से कहा कि मेरे को रिजल्ट देख कर आप ही बताओ। तो उन्होंने एक घंटे बाद में मेरे को बताया कि आपके 141 नंबर बने हैं। पास में खड़े हुए गुरुजी की तरफ इशारा करते हुए वह कहते हैं। कि यह मेरे प्रेरणा के स्रोत, मेरे गुरुजी। जिन्होंने मुझे एक घंटे बाद में रिजल्ट बताया। मेरे मन में लड्डू फूटा। सुदेश जी कहते है कि उसके बाद में आपके पास फोन आने शुरू हो गए। यह वही फोन नंबर है जो कल भी आपके पास था। और अब भी आपके पास में है। जब आदमी कुछ करके दिखाता है, तभी उसकी योग्यता का मालूम पड़ता है। आज हम भी आपका इंटरव्यू लेने के लिए आए हैं, तो आपने कुछ करके दिखाया है तब आए हैं। आज से पहले नहीं आए। लालू राम ने शेखावाटी को शिक्षा की दृष्टि से अलग ही माना है। जबकि बीकानेर को शिक्षा की दृष्टि से कमजोर। मेरा प्रयत्न हमेशा इसका सुधार करने में रहेगा। पेपर देने के बाद में मैंने गुरुजी से सारे प्रश्नों के उत्तर बता कर पूछा, तो गुरु जी ने उसी समय कह दिया कि आपका नंबर टॉपर्स में आएगा। अपने आखिरी प्रश्न के उत्तर में वह कहते हैं हमेशा सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करो। तीसरी क्लास से लेकर सीनियर तक की पुस्तकों के अलावा एक भी प्रश्न नहीं आया था। पुस्तक से पढ़ाई ही सर्वोपरि पढ़ाई है। लालू राम के पिता, गुरुजी, भाई सभी ने लालू राम की भूरी भूरी प्रशंसा की और खुशी जाहिर की (Laloo Ram REET Topper)

अपने विचार

सरल सहज स्वभाव हो, मेहनत का हो शरीर, उसको बढ़ने से कौन रोके, जिसका मन हो निर्मल नीर।

पूरा इंटरव्यू देखें।

 

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