बीकानेर: साधारण परिवार की असाधारण कला, बच्चों का यह हुनर देख आप भी हो जाएंगे हैरान!

Meena and Chotu Kalakar in Bikaner: नन्हे कलाकार मीना और छोटू बीकानेर।

दोस्तों नमस्कार! दोस्तों आज मैं आपको ऐसे नन्हे कलाकारों से मिलवा रहा हूं। जिन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में बड़े-बड़ों को संगीत के क्षेत्र में पीछे छोड़ दिया। 8 वर्ष का छोटू (8Years Old Chotu) और 12 वर्ष की मीना (12 Years Old Meena)। मीना का हारमोनियम (Harmonium) बजाना और भजन गाना (Bhajan) और छोटू का ढोलक  बजाना (Dholak) बीकानेर (Bikaner) में एक आश्चर्य का विषय बना हुआ है। एक साधारण परिवार में जन्मे नन्हे कलाकारों के पिता भजन गाते थे। एक दिन मीना ने अपने पापा के साथ जाने की जिद्द की। तो पिता ने कहा कि तूं रोज यहां गुनगुनाती रहती है। यदि वहां भजन गाए तो ले चलूंगा। उसने कहा कि ठीक है।

Meena and Chotu Kalakar in Bikaner:

खाजूवाला (KhajuWala), पुंगल(Pungal), कोलायत (Kolayat) और बज्जू (Bajju) इन जगहों पर नवरात्र के 9 दिनों में भजन संध्या करने का इन बच्चों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। झलको बीकानेर (Jhalko Bikaner) के सुदेश ने एक साधारण परिवार में असाधारण कलाकारों से बातचीत करते हुए यह बात बताई। उन्होंने बताया कि इन जगहों पर शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो आज इन बच्चों को नहीं जानता है। बच्ची ने अपना नाम मीना कटारिया (Meena Kataria)  बताते हुए कहा कि मेरे पापा भजन संध्या करते हैं। इसलिए उन्हीं के द्वारा मुझे भी यह शौक लग गया। मेरे मम्मी पापा दोनों ने मुझे कभी मना नहीं किया। सर्वप्रथम गाने के बारे में पूछने पर मीना ने बताया की पड़ोस में मेरे दादा जी के यहां पर भजन संध्या (Bhajan Sandhya) के अंदर मुझे अचानक गाने के लिए कहा और मैंने वहां पर सबसे पहले भजन गाया था। जो सभी को बहुत पसंद आया था। उसने बताया कि मैं कक्षा 9 में पढ़ती हूं। नवरात्रा के 9 दिनों मे करणीपुरा गांव (KarniPura Village)  में लगातार 9 दिन तक भजन संध्या की थी। हारमोनियम के बारे में पूछने पर मीना के पापा ने बताया कि यह दिन भर गुनगुनाती रहती है। इसने इच्छा जाहिर की तो मैंने इसको हारमोनियम लाकर दिया। जबकि मेरे को बजाना नहीं आता है। तीन साल पहले इसने सर्वप्रथम जब भजन गाया था, तो ऐसे लगा था जैसे यह बहुत दिनों से भजन संध्या कर रही है। छोटू की ढोलक के बारे में पूछने पर उसके पापा ने बताया कि यह रोज घर में बाल्टी से रियाज करता है। रात को 12:00 बजे तक डेक चला कर उस पर ढोलक बजाने में लगा रहता है,। इसलिए इसकी इच्छा शक्ति को देखकर मैंने इसको ढोलक ला कर दी। इसने कई बार मार भी खाई है, क्योंकि हम इसको काम के लिए बोलते हैं, और यह उसी अपने काम में लगा रहता है इसलिए मार पड़ी है। इसमें भी अपने कार्य के प्रति बहुत ज्यादा लग्न है। मीना के पापा ने बताया कि पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों से मनुष्य योनि मिली। और उसके अलावा मुझे ऐसे कलाकार बच्चों की प्राप्ति होना मेरा सौभाग्य है।

Meena and Chotu Kalakar in Bikaner

पिछले तीन वर्षों में यहां आसपास में अनगिनत भजन प्रोग्राम किए है। सुदेश ने बताया इंडियन आईडल (Indian Idol)  एक प्रोग्राम आता है उसके लिए आपके बच्चों को प्रयास करना चाहिए। बच्चों को आगे बढ़ने में सहयोग करने वाले रामाकिशन जी ने बताया क धोरों में छुपी हुई कला को बाहर आना चाहिए। और वही प्रयास हम कर रहे हैं। इन बच्चों में बहुत अच्छा टैलेंट (Talent) है और हमारे साथ भजन संध्या करने में इनका बहुत बड़ा योगदान है। ” छोटा पैकेट बड़ा धमाका “छोटू के बारे में इन शब्दों का प्रयोग करते हुए सभी ने उसकी ढोलक बजाने की कला की तारीफ की। छोटू आज पांचवी क्लास में पढ़ता है। (Meena and Chotu Kalakar in Bikaner)

अपने विचार

पूर्व जन्म के कर्म भी, साथ चलते हैं। सत्कर्म ना होंगे जिनके, वो बस हाथ मलते हैं।

पूरा इंटरव्यू देखें…

Add Comment

   
    >
राजस्थान की बेटी डॉ दिव्यानी कटारा किसी लेडी सिंघम से कम नहीं राजस्थान की शकीरा “गोरी नागोरी” की अदाएं कर देगी आपको घायल दिल्ली की इस मॉडल ने अपने हुस्न से मचाया तहलका, हमेशा रहती चर्चा में यूक्रेन की हॉट खूबसूरत महिला ने जं’ग के लिए उठाया ह’थियार महाशिवरात्रि स्पेशल : जानें भोलेनाथ को प्रसन्न करने की विधि