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बीकानेर

सास बहुओं की साथी पैड वाली डॉक्टर आशु मलिक,बांटती सेनेटरी पैड व निभाती असली डॉक्टर होने का फ़र्ज़

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बॉलीवुड में एक फिल्म आई जिसका नाम था पैडमैन, फिल्म में मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार नजर आए थे। अक्षय कुमार ने इस फिल्म में महिलाओं को होने वाले पीरियड्स के बारे में जागरूक किया,सेनेटरी पैड के बारे में जागरूक किया था। यह फिल्म एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म थी। ऐसी ही एक महिला की आपको कहानी बताएंगे। कहानी है आशु मलिक की, डॉक्टर आशु मलिक की बात करें तो वह रेलवे में वरिष्ठ डिविजनल डेंटल सर्जन के तौर पर कार्यरत है।

अपने सफर की शुरुआत में डॉ आशु मलिक बताती हैं कि उन्होंने शुरू में लोगों का मुफ्त इलाज करना शुरू किया। लोगों से मिलती दांतों की जांच करती और इलाज भी करती। फिर उन्होंने देखा कि गांव में लोग गुट’ खा तं’ बाकू जैसी चीजों का ज्यादा सेवन करते हैं। इसके बाद उन्होंने लोगों को इसके बारे में जागरूक किया। गुट’ खा व तं’ बाकू खाने से होने वाले बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करना शुरू किया।

केंद्र के साथ मिलकर महिलाओं को किया जागरूक : अपने जागरूकता अभियान में उन्हें एक केंद्र के बारे में पता चला, केंद्र का नाम है महावीर इंटरनेशनल बीकानेर बिकाना वीरा। डॉ आशु भी इसकी सदस्य बन गई, दरअसल यह केंद्र लोगों को कई बातों पर जागरूक और उनकी मदद करने का काम करता है। केंद्र में काम करते हुए डॉ आशु मलिक को एक प्रोजेक्ट का को डायरेक्टर बनाया गया। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उनका केंद्र गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने का काम करने का काम करता था।

प्रोजेक्ट का नाम रखा गया प्रेगनेंसी टू इन्फैंसी, अपने इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उनका केंद्र गांव को गोद लेता। अस्पतालों में जाकर महिलाओं को जागरूक करता जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन और वजन कम पाया जाता उन्हें खाने का पैकेट देता। उनकी जांच भी करता था। इस प्रोजेक्ट में काम करने के दौरान उन्होंने एक नया प्रोजेक्ट भी शुरू किया नाम दिया सास बहू सम्मेलन। इस सम्मेलन के तहत डॉ आशु मलिक और उनकी टीम गांव में जाकर सास बहू और से मुलाकात करती उन्हें सेनेटरी पैड के बारे में समझाया जाता। गांव में लोग आज भी सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करने से थोड़ा झिझकते है। महिलाएं कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। बस इसी से जागरूकता लाने के लिए आशु मलिक और उनकी टीम ने काम किया।

गांव में बटवाया सैनिटरी पैड : उन्होंने रेलवे महिला समिति की मदद से भी गांव और स्कूलों में सेनेटरी पैड बटवाया। इसके बाद महावीर इंटरनेशनल बिकाणा वीरा केंद्र की तरफ से लोगों को चिन्हित करके जागरूक किया। इस योजना का नाम गरिमा योजना रखा गया। इसके लिए एक स्लोगन भी तैयार किया गया जिसके तहत लोगों को बताया गया कि शर्म छोड़ो अपना स्वास्थ्य अपनाओ।

शर्म छोड़ साथ रहकर करो देखभाल : डॉक्टर आशु मलिक ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को एक साथ रहकर बिना शर्म किए एक दूसरे से इस बात को शेयर करना चाहिए। एक दूसरे की देखभाल करनी चाहिए। वहीं पुरुषों को सलाह देते हुए आशु मलिक कहती हैं कि पुरुषों को महिलाओं का मजाक नहीं बनाना चाहिए। पीरियड होना महिलाओं के लिए एक सामान्य बात है बीमारी को मजाक ना समझ कर उसका हल निकालना चाहिए। महिलाओं को भी अपने घर में इस बार को बताना चाहिए यह कोई छुपाने वाली बात नहीं है।

कैं’सर वाली सि’ गरेट पीते हैं लोग, फिर इससे क्यों शर्म : आशु मलिक कहती हैं कि पुरुष सि’ गरेट और गु’ टके जैसी चीज का सेवन करते हैं। सबको पता है कि इस चीज के सेवन करने से कैं’सर होता है,लेकिन फिर भी वह दुकान पर जाकर खरीदते हैं और इसका सेवन करते हैं। इसी तरीके से महिलाओं को बिना झिझक के पैड खरीदना और इस्तेमाल करना चाहिए। वह कहती हैं कि हम सभी को समाज के लिए काम आना चाहिए। पढ़े लिखे लोग अशिक्षित व्यक्ति को जागरूक कर पाए तो समाज की बहुत सेवा होगी।

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