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चित्तौड़गढ़

छोटी सी उम्र में बन गई अक्षी महिला पायलट, 14 साल की उम्र में ठाना पायलट बनने का सपना

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चित्तौड़गढ़ की बेटी अक्षी ने कमाल का दिखाया है। आपके बताए केवल 20 साल की उम्र में अक्षी पायलट बन गई हैं। चित्तौड़गढ़ की रहने वाली इस बच्ची ने चित्तौड़गढ़ के साथ पूरे राजस्थान का नाम रोशन कर दिया है। अक्षी चित्तौड़गढ़ की पहली महिला है जो इतनी कम उम्र में पायलट के मुकाम तक पहुंची हैं। अक्षी के पिता शिवकुमार पुंगलिया बताते हैं कि एक बार वह अपने परिवार समेत दुबई जा रहे थे। अक्षी तब 14 साल की थी, तब उसमे बचपना था।

फ्लाइट में अनजाने से अक्षी पायलट के केबिन में चली गई थी। वहां स्थित स्टाफ ने अक्षी को रोका दिया था। स्टाफ ने उन्हें वापस जाने के लिए कह दिया था। जिसके बाद अक्षी ने मन में जिद ठान ली कि वह बड़ी होकर पायलट बनेगी। अक्षी की जिद कब उसका सपना बन गई, यह सिर्फ उसी को पता है।

बचपन से शुरू कर दी तैयारी

अक्षी के पिता शिव कुमार बताते हैं कि बचपन से ही उनकी बेटी ने पायलट बनने की तैयारी शुरू कर दी थी। 12वीं कक्षा की पढ़ाई के बाद उन्होंने पायलट का एग्जाम पास किया और अब उन्होंने ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। इस वक्त बीएससी में दाखिला लिया है और आगे की पढ़ाई कर रही है। अक्षी ने मध्यप्रदेश के फ्लाइंग कैंप इंदौर में ट्रेनिंग पूरी की है।

देती है सन्देश

अक्षी महिलाओं को प्रेरणा देते हुए कहती हैं कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कई बार ऐसे मौके आए जहां लगा कि यह लड़की नहीं कर सकती। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, जॉब इंटरव्यू के दौरान भी उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा था। लेकिन उन्होंने कहा कि आपका काम सभी को चौंका देता है। सभी चीजों को चुनौती केवल आपका काम दे सकता है। अक्षी ने अपने पूरे परिवार को धन्यवाद किया, उनके पिता शिवकुमार पुंगलिया मार्बल का कारोबार करते हैं, वही उनकी मां हेमा ग्रहणी है। अक्षी ने बताया कि व ट्रेनिंग के दौरान 6 घंटे तक फ्लाइट उड़ाती थी।

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