Connect with us

चूरू

गरीब और भीख मांगने वाले बच्चों की बदल दी जिंदगी, कांस्टेबल धर्मवीर जाखड़ की ‘आपणी पाठशाला’

Published

on

आज हम आपको एक ऐसे कॉन्स्टेबल की कहानी बताएंगे जिन्होंने एक विचार मात्र से कई बच्चों की जिंदगी बदल दी। आज कई बच्चे उनकी वजह से अच्छी शिक्षा पा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं चूरू जिले के राजगढ़ तहसील स्थित खारिया गांव के निवासी धर्मवीर जाखड़ की। साल 2011 में धर्मवीर ने राजस्थान पुलिस को बतौर कांस्टेबल ज्वाइन किया धर्मवीर बताते हैं कि थाने में ड्यूटी करते हुए उन्होंने कुछ बच्चों को भीख मांगते हुए देखा, तब उनके मन में विचार आया कि बच्चों का जीवन सुधारा जाना चाहिए।

इन बच्चों को हाथ में कटोरा देने के बदले कलम और किताब देनी चाहिए। इसके बाद धर्मवीर ने महिला थाने के पास तीन-चार बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी पाठशाला का नाम अपणी पाठशाला दिया। साल 2016 में 1 जनवरी को उन्होंने इसकी शुरुआत की धीरे-धीरे उनकी पाठशाला बच्चों में मशहूर हो गई। आज इस पाठशाला में 500 के करीब बच्चे पढ़ रहे हैं। पाठशाला में कक्षा पहली से पांचवी तक पढ़ाया जाता है।

धर्मवीर बताते हैं कि उन्हें इसमें थोड़ी सी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। जगह ना होने के कारण बच्चे पढ़ने नहीं आते थे। बच्चों के मां-बाप को समझाने के लिए भी उन्हें बहुत दिक्कत हुई थी। लेकिन इसमें उन्हें अपने पुलिस कर्मचारियों और विभाग के सभी लोगों का सहयोग मिला। साथ ही गांव के कुछ लोग भी अब उन्हें सहयोग कर रहे हैं।

थाने में ही बच्चो को पढ़ाने की मिली इजाजत:

थाने के एसपी राहुल बरहड़ ने बच्चों को थाने में खाली बैरिक में पढ़ाने की मंजूरी दे दी। वहीं गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने औषधि भंडार में पढ़ाने की मंजूरी दे दी। इसके बाद धर्मवीर जाखड़ के साथ लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया। आपको बताएं पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। उनको लाने ले जाने के लिए दो बस चलती है, दो वक्त का खाना मुफ्त दिया जाता है।

संस्था मुस्कान के तहत बच्चों को प्रेरित करने के लिए गिफ्ट उपहार जैसी चीज़ें भी दी जाती है। धर्मवीर जाखड़ की पाठशाला में पढ़ने के बाद बच्चों का दाखिला जाकिर हुसैन स्कूल में होता है। जाकिर हुसैन स्कूल होनहार बच्चों को अपने स्कूल में दाखिला देता है और मुफ्त शिक्षा प्रदान करता हैं। इसके अलावा बात करें तो धर्मवीर ने अपनी पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों को कई सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा है।

पुलिस विभाग की मिल रही है पूरी मदद

आज धर्मवीर के साथ उनके पुलिस विभाग के लोग भी उनकी मदद कर रहे हैं। वे लोग अपनी तनख्वाह से भी बच्चों की मदद करते हैं। इसके अलावा गांव के लोग पुराने कपड़े देते हैं, उन कपड़ो को फिर पाठशाला के झुग्गी झोपड़ी वाले बच्चों में वितरण होता है।

दुबई से छुड़वाए 4 मजदूर

इसके अलावा आपको एक बात बताएं तो धर्मवीर ने दुबई से राजस्थान के चार मजदूरों को भी छुड़वाया था। आपको बताएं दुबई सरकार ने राजस्थान के इन चार मजदूरों को बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने और चपेट में आकर मारे गए लोगों के जु’र्म में गिर’फ्तार किया। 8 साल तक यह लोग जेल में बंद रहे, पैसा ना होने के कारण जमानत की राशि जमा नहीं करवा पाए। इसके बाद धर्मवीर जाखड़ ने लोगों के साथ मिलकर सवा करोड़ रूपया इकट्ठा किया और इन मजदूरों को छुड़वाया। मजदूर भी आज पाठशाला में पढ़ रहे हैं।

राहुल गांधी भी कर चुके है तारीफ

धर्मवीर की तारीफ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री,राजस्थान वसुंधरा राजे और वर्तमान मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक गहलोत भी कर चुके हैं। यह लोग भी धर्मवीर को इस नेक काम के लिए बधाई दे चुके हैं। धर्मवीर वाकई एक नेक और बेहतरीन काम कर रहे हैं। समाज को बदलने के लिए उनकी यह मुहिम वाकई काबिले तारीफ है। हम धर्मवीर की इस मुहिम और उनके इस नेक काम के सलाम करते हैं।

   
    >