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हनुमानगढ़

एलोवेरा की खेती से लाखों रूपए कमाने वाले हनुमानगढ़ के अजय की कहानी, कभी धोते थे होटल में बर्तन

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राजस्थान के रहने वाले अजय स्वामी की कहानी भी बेहद मुश्किलों से भरी हुई है।मुल रुप से वह हनुमानगढ जिले के रहने वाले हैं ।बचपन में पिता की मौत के बाद अजय स्वामी के ऊपर पुरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी फिर अजय ने एक चाय की दुकान में बर्तन धोकर अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने लगे।अपनी खुद की भी चाय की दुकान खोली ।लेकिन इनकी बात इससे भी नहीं बनी तो अजय ने खेती करना शुरू कर दिया ।

अजय कहते है”मेरे पास दो बिघा खेती के लायक जमीन थीं।जिसपर पारंपरिक खेती करने से कोई फायदा नहीं हुआ ।फिर 31 साल के अजय ने आयुर्वेदिक खेती की ओर कदम बढ़ाया।अजय कहते हैं कि “बाबा रामदेव के पतंजलि प्रोडक्ट को देख मेरे मन में भी आयुर्वेदिक हेल्थ से जुड़े प्रोडक्ट तैयार करने का ख्याल आया।ऐलोवेरा की खेती पहले कभी नहीं करना और इससे जुड़े प्रोडक्ट तैयार बेहद चुनौती भरा काम था।इसके बाद भी अजय ने ऐलोवेरा की खेती करने का मन बना लिया ।

कब्रिस्तान से लाएं ऐलोवेरा के पौधे

जब ऐलोवेरा की खेती करने का मन बना लिया तो इसके पौधे मिलने मुश्किल हो रहे थे ।फिर कुछ लोगों के एक कब्रिस्तान में इसके पौधे होने की जानकारी दी।मैने चुरू गांव के लोगों से बात कर वहां के कब्रगाह से कुछ पौधे लाकर खेतों में लगा दिए।करीब साल भर में ऐलोवेरा के पौधे तैयार हो गये,तब तक अजय इसके मार्केटिंग तथा अन्य पहलुओं को के जानकारी के लिए खुब पता लगाया ।इसी दौरान उन्हें ऐलोवेरा से जूस बनाने की बात पता चली फिर वो पानी की बोतलों में जूस बना कर बेचना शुरू किया।धीरे-धीरे इसके ग्राहकों की संख्या बढती गई और कुछ कंपनियों से आर्डर आने लगे ।फिर कुछ दिनों बाद उसने एक हेल्थ कंपनी “नेचुरल हेल्थ केयर” नाम से लाइसेंस ले ली और पुरी तरह ऐलोवेरा प्रोसेसिंग पर लग गए।

अजय बताते हैं कि “आज के समय में वह मिठाई, शैम्पू, साबुन, जूस, कंडीशनर, टूथपेस्ट सहित लगभग तीन दर्जन से अधिक प्रोडक्ट बेचते हैं ।बिना की अनुभव का यह प्रयोग आज सफल है ।अजय बताते है कि पिछले साल लाकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट लड्डु था।इसकी कीमत 350 रूपये हैं ।मौजूदा समय वो 30 एकड़ में ऐलोवेरा की खेती कर रहे हैं

ऐलोवेरा की खेती से लाखों की आमदनी

अगर आप भी ऐलोवेरा की खेती करना चाहते हैं तो आपके लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है।अजय कहते है इसमें लागत कम है।बरसात के पहले इसके पौधे लगाने चाहिए ।एक साल में यह तैयार हो जाता हैं ।पौधे तैयार हो जाने के बाद इसकी मार्केटिंग तथा प्रोडक्ट को लेकर प्रोमोट करना होता है ।धीरे-धीरे आप सबकुछ समझने लगेंगे।अजय कहते हैं कि एक एकड़ मे हजार पौधे लगाकर साल में लाख रुपये तक कमाई हो सकती हैं ।

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