कौन हैं यह किसान बलकौर सिंह ढिल्लों जिन्होंने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल, PM ने भी किया जिक्र

राजस्थान जिसकी धरती के कण-कण में एक अनोखा इतिहास समाहित है, जहां की आबोहवा में वीरों और वीरांगनाओं की शौर्यगाथाएं हैं तो साहस का परचम लहराते अनेकों किरदार भी शामिल हैं। वहीं मरूभूमि के लोग हमेशा से मेहमानों की आवभगत और मिलनसार स्वभाव के लिए सभी की जुबां पर छाए रहे हैं।

अक्सर कहा भी जाता है कि यहां के लोगों के दिल का साइज अन्य राज्यों के लोगों से बड़ा होता है, क्योंकि मेहमाननवाजी में इनका कोई सानी नहीं है।

ऊपर दिया गया पूरा संदर्भ वर्तमान में राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के सांगरिया तहसील के एक गांव हरिपुरा के रहने वाले किसान बलकौर सिंह ढिल्लों पर एकदम जचता है जो पिछले 2 दिन से सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।

बलकौर सिंह ढिल्लों का जिक्र देश के प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में किया जिसके बाद हर कोई उनके गांव, उनके बारे में जानने को उत्सुक है, तो चलिए शुरू करते हैं और आपको बताते हैं इस ट्वीट के पीछे की कहानी और आखिर कौन है बलकौर सिंह ढिल्लों।

दरअसल, डॉक्टर्स डे मौके पर अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने भारतीय डॉक्टरों की तारीफ करते हुए एक किस्सा शेयर किया जिसके बाद लोग उन्हें अपने गांव और शहर आमंत्रित करने लगे।

ढिल्लों ने भी दिया अपने गांव आने का न्यौता

अफगान राजदूत के ट्वीट पर हो रही चर्चा में राजस्थान के किसान बलकौर सिंह ढिल्लों ने राजदूत फरीद मामुन्दजई को अपने गांव हरिपुरा आने का आमंत्रण दिया जिसके बाद फरीद के पूछने पर कि वह सूरत के हरिपुरा गांव की बात कर रहे हैं या राजस्थान के, तो ढिल्लों ने उन्हें अपने गांव राजस्थान के हरिपुरा आने को कहा।

जब चर्चा में शामिल हुए पीएम मोदी

अफगानी राजदूत और ढिल्लों की इस बातचीत में अचानक देश के पीएम मोदी भी शामिल हुए और मोदी ने ट्वीट कर फरीद को कहा कि “आप बलकौर के हरिपुरा भी जाइए और गुजरात के हरिपुरा भी जाइए, वो भी अपने आप में इतिहास समेटे हुए है. मेरे भारत के एक डॉक्टर के साथ का अपना अनुभव आपने जो शेयर किया है, वो भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की खुशबू की एक महक है”.

प्रधानमंत्री ने बढ़ाया राजस्थान के किसान का मान

पीएम मोदी के ट्वीट के बाद बलकौर सिंह ढिल्लों की खुशी सातवें आसमान पर थी, उनके पास पूरे देशभर से लोगों के बधाई संदेश आने लगे। वहीं ढिल्लों के एक ट्वीट से उनकेs गांव हरिपुरा का नाम देशभर में पहुंचाने के लिए लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी।

वहीं राजदूत फरीद मामुन्दजई ने किसान ढिल्लों से राजस्थानी पगड़ी पहनने की ख्वाहिश जाहिर की।

ट्विटर पर स्टार बन गए ढिल्लों

अफगानी राजदूत फरीद मामुन्दजई और राजस्थान के एक किसान ढिल्लों की यह बातचीत के सोशल मीडिया पर वायरल होने और पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद ढिल्लों हर तरफ छा गए, वहीं पीएम मोदी के ट्वीट पर ढिल्लों ने उनका आभार व्यक्त किया और अपने दिन को यादगार बताया।

आइए अब जानते हैं राजस्थान के हरिपुरा गांव के बारे में

हनुमानगढ़ जिले के सांगरिया तहसील में हरिपुरा गांव है जिसके पूर्व में हरियाणा और उत्तर में पंजाब की सीमा लगती है. गांव सभी सुविधाओं से संपन्न है एवं अधिकांश लोग यहां किसानी करते हैं। वहीं हरिपुरा के किसान डिजीटलीकरण में काफी आगे हैं. इसके अलावा सूरत का हरिपुरा गांव 1938 में हुए कांग्रेस के एक अधिवेशन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के एक भाषण के लिए जाना जाता है।

बलकौर सिंह ढिल्लों की तरफ से राजस्थान के एक गांव का नाम देशभर में पहुंचाया है, वहीं अफगान राजदूत फरीद को हम भी इन पंक्तियों के जरिए मरूभूमि में एक आमंत्रण भेजते हैं।

जीमो बाजरे री रोटी

और सांगरी रो साग,

रंगीलो म्हारो राजस्थान

बरसों सूं है हिवड़े हुं लाग।

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