Connect with us

हनुमानगढ़

हनुमानगढ़ की RAS बहनें : किसान की 3 बेटियों ने पास की RAS 2018, अब पांचों बहनें हुई आरएएस अधिकारी

Published

on

अभाव भले ही हजार हों पर कुछ करना है यह ठान लिया जाए तो क्या ही मुश्किल है, आरएएस 2018 परीक्षा के परिणाम आने के बाद राजस्थान के अलग- अलग हिस्सों से संघर्ष और मेहनत की कहानियां सामने आ रही है।

ऐसी ही एक कहानी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के एक किसान परिवार की है जहां की बेटियों ने इतिहास बनाया है। RAS 2018 में किसान की तीनों बेटियों का एक साथ चयन हुआ है।

तीनों बहनों ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। हैरानी की बात यह है कि दो बड़ी बहनों का पहले ही आरएएस में चयन हो चुका है जिसके बाद अब राजस्थान का यह पहला परिवार है जिसकी पांचों बेटियां आरएएस अधिकारी बन गई है।

राजस्थान के ​हनुमानगढ़ जिले की रावतसर तहसील के भैरूसरी गांव के रहने वाले सहदेव सहारण की पांचों बेटियों ने यह कारनामा कर दिखाया है। सहदेव किसानी करते हैं और मां लक्ष्मी देवी गृहिणी है। बहनों के एक भाई हैं अभिराज जो हमीरपुर से आईआईटी करने के बाद फिलहाल यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।

आरएएस अफसर बहनों के बारे में जानिए

सहदेव सहारण की बेटी रितु, अंशु व सुमन का इस बार आरएएस परीक्षा 2018 में चयन हुआ है। तीनों बहनों ने दूसरी बार में सफलता हासिल की है और तीनों अभी अविवाहित है।

रितू सहारण, आरएएस

पांचों बहनों में सबसे छोटी रितु सहारण है जिन्होंने आरएएस परीक्षा 2018 में 945वीं रैंक हासिल की है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में उन्हें 96वीं रैंक मिली है।

सुमन सहारण, आरएएस

ओबीसी में 98वीं रैंक के साथ सुमन सहारण ने आरएएस परीक्षा 2018 में 915वीं रैंक हासिल की है।

अंशु सहारण, आरएएस

वहीं राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2018 में अंशु सहारण ने 349 रैंक हासिल की है, उन्हें ओबीसी कैटेगरी में 31वीं रैंक मिली है।

5वीं के बाद नहीं गई स्कूल

आरएएस में चयन होने वाली तीनों बहनें 5वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद कभी स्कूल नहीं गई क्योंकि गांव में स्कूल नहीं था। पिता के पास आर्थिक तंगी की वजह से वह पढ़ाई नहीं करवा सके। ऐसे में पांचों बहनों ने घर में रहकर एक दूसरे की मदद की और अपनी पढ़ाई जारी रखी।

दो बहनें हैं पहले से आरएएस में चयनित

आपको बता दें कि आरएएस अफसर बनने वाली इन तीन बहनों के अलावा अन्य दो बड़ी बहनों रोमा और मंजू सहारण का इससे पहले आरएएस में चयन हो चुका है।

रोमा ने 2010 में आरएएस परीक्षा पास की तो मंजू को 2017 परीक्षा में सफलता मिली। वर्तमान में रोमा झुंझुनूं के सूरजगढ़ में बीडीओ पद पर कार्यरत हैं जबकि दूसरी बहन मंजू सहारण सहकारिता विभाग नोहर में अपनी सेवा दे रही है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

   
    >