जयपुर के अक्षय पात्र मंदिर का पत्थर युवक के धड़ पर गिरा, हुई मौ’त- हादसा CCTV में कैद

Jaipur:  अक्षय पात्र मंदिर के बाहर फोटो खिंचवाने के दौरान पत्थर गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौ’त हो गई, इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है। युवक दोस्त के साथ मंदिर दर्शन के लिए गया था, दर्शन के बाद वह एक पत्थर के बोर्ड पर बैठ गया और वहीं दूसरी ओर उसका साथी उसकी फोटो लेने लगा। कुछेक सेकेंड में मंदिर के बोर्ड में तिड़कन आई, और युवक इससे पहले कुछ समझता एक विशालकाय पत्थर युवक के धड़ पर गिर पड़ा (akshay patra mandir accident)। यह घटना बीते सोमवार जयपुर के जगतपुरा में तकरीबन 12 बजे हुई।

पुलिस के मुताबिक, मृतक का नाम बांदीकुई निवासी देवव्रत शुक्ला था, जिसकी उम्र 32 साल थी। देवव्रत के दोस्त भूपेश ने बताया कि वह शनिवार को पीएफ (PF) के रुपए निकालने के लिए जयपुर आया था। लेकिन पीएफ ऑफिस बंद होने के कारण, वह जयपुर में उसी के फ्लैट पर रुक गया। सोमवार को भूपेश और देवव्रत गोनेर में प्लॉट देखन के लिए गए थे। रास्ते में देवव्रत ने अक्षयपात्र मंदिर में दर्शन के लिए कहा। वे दर्शन कर जैसे ही मंदिर के बाहर आए तो वे सेल्फी लेने रुक गए। इस बीच देवव्रत, मंदिर के बोर्ड में लगे पिलर पर फोटो खिंचवाने लगा, कि अचानक पत्थर फिसला और वह उसके धड़ पर जा गिरा, आनन-फानन में दोस्त भूपेश और आसपास के लोग उसे निकाल पास के अस्पताल में ले गए, जहां इलाज के वक्त युवक ने दम तोड़ दिया।

भूपेश बताता है कि देवव्रत के पिता अशोक कुमार शुक्ला रेलवे में सेक्शन इंजीनियर के पद से रिटायर्ड हैं। वह जयपुर में एक प्लॉट और बिजनेस के लिए दुकान खरीदने का प्लान बनाकर आया था, यही कारण था कि वे जगतपुरा गए। इस दुर्घटना की सूचना पाकर रामनगरिया थाने के सर्कल इंस्पेक्टर (CI) राजेश कुमार शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इस दुर्घटना बताया। देवव्रत ने पत्थर के बोर्ड पर अपना सिर झुका रखा था, जिस कारण वह फिसल गया और बाद में उसकी कमर पर जा गिरा, इसके बाद देवव्रत अचेत हो गया।

akshay tritya

मृतक देवव्रत शादीशुदा था, उसकी 4 साल की बेटी वाणी और 4 महीने का बेटा कृष्ण है। युवक कुछ साल पहले नौकरी किया करता था, मौजूदा वक्त में वह बेरोजगार था। आज देवव्रत का बांदीकुई में अंतिम संस्कार किया गया है। वहीं, जयपुर के जगतपुरा में (akshay patra mandir accident) मौजूदा यह मंदिर 10 साल से बना हुआ है, हजारों लोग यहा फोटो खिंचवा चुके हैं, ऐसा होने की जरा भी आशंका नहीं ता। मंदिर से कुछ दूर पर ही ब्रेकर बने हुए हैं, ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि इसी वजह से वाइब्रेशन की वजह से इसका प्रभाव बोर्ड पर पड़ा और यह कमजोर हो गया, जिस कारण यह हादसा हुआ।

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