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जयपुर

मामूली रेहड़ी से बने जयपुर के मशहूर गुलाब जी चाय वाले, रोज 300 गरीबों को मुफ्त में खिलाते थे खाना

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प्रसिद्ध वक्तव्य जो कोई भी जयपुर में घूमने आये या जयपुर में रहता हो तो कहते है कि ‘गुलाब जी चाय वाले’ की चाय नहीं पी, तो आपने क्या पिया ! राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी जयपुर के एमआई रोड पर स्थित गणपति प्लाजा के पीछे एक छोटी सी दुकान है, नाम है गुलाब जी चाय वाले। यह दुकान राजस्थान के लोगों के बीच ही नहीं बड़े-बड़े नेताओं के बीच में भी मशहूर है। कई बड़े-बड़े लोग इस दुकान पर चाय पीने आते हैं।

दुकान का इतिहास आपको बताए तो यह दुकान की शुरुआत गुलाब जी ने 75 बरस पहले की थी। गुलाब जी का जन्म 1926 में सरणा डूंगरी गांव में हुआ। गुलाब जी एक जागीरदार परिवार के रहने वाले थे। साल 1946 में उन्होंने एक चाय की रेहड़ी लगाई। उनका मानना था कि चाय का धंधा सबसे बढ़िया होता है। आप इस धंधे से 100 रुपए की लागत लगाकर शाम को 100 रुपए कमा सकते हो। इसी विश्वास के साथ उन्होंने छोटी सी रेहडी लगाई।

लेकिन उनकी चाय के लोग इतने दीवाने बन गए कि देखते ही देखते एक गुलाब जी राजस्थान में मशहूर हो गए। इस दुकान के संस्थापक गुलाब जी 2 मई 2020 को इस दुनिया से हमें छोड़ कर चले गए लेकिन उनकी चाय की दुकान आज भी चालू है। दुकान के बारे में आपको बताएं तो गुलाब जी चाय वाले की दुकान पर राजस्थान का हर मुख्यमंत्री चाय पीने आया है। गुलाब जी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वसुंधरा राजे को छोड़ राजस्थान का हर मुख्यमंत्री उनकी दुकान पर चाय पीने आया है। उनकी दुकान आजादी से भी पहले की है, उनकी दुकान पर हर बड़ा आदमी नाश्ता करने और चाय पीने आता है। इसके अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत भी गुलाब जी चाय वाले के यहां चाय पीने आया करते थे।

मॉर्निंग वॉक के बाद चाय के साथ लोग करते दिन की शुरुआत

वही राजस्थान की राजधानी जयपुर के लोगों का कहना है कि वह सुबह की मॉर्निंग वॉक के बाद गुलाब जी चाय वाले के पास जरूर चाय पीने आते हैं। यहां कई लोग आकर के सुबह नाश्ता भी करते हैं। गुलाब जी चाय वाले की दुकान सुबह 4:30 बजे खुल जाती है और शाम को 8:00 बजे तक वह लोगों को अपनी चाय पिलाते हैं। गुलाब जी की चाय में इतना जादू है कि लोग उनकी मिठास और उनके स्वाद की ओर खींचे चले आते हैं। गुलाब जी की चाय खुशबू से ही लोग उनकी दुकान की तरफ खिंचे चले आते हैं। गुलाब जी एक कप चाय ₹20 की बेचते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी लोग उनकी दुकान पर भीड़ लगाकर के चाय पीते हैं।

समाज में भी करते थे सेवा

गुलाब जी चाय वाले के संस्थापक गुलाब जी हर रोज चाय बेचने के अलावा लोगों की सेवा भी करते थे। वह हर सुबह फ्री में अपनी दुकान के आसपास मौजूद भिखारियों को चाय पिलाते थे। वह बताते थे की लगभग 250-300 लोग फ्री उनके यहां सुबह चाय नाश्ता करते हैं। इसके अलावा गुलाब जी दोपहर का भोजन भी इन लोगों को करवाते थे। लगभग डेढ़ सौ लोग हर रोज इन के यहां भोजन करते थे। गुलाब जी की चाय वाले की दुकान की फेमस नाश्ते की बात करें तो उनके यहां बन मस्का बन समोसा बेहद मशहूर है लोग इसको खाने रोजाना बड़ी तादाद में आते हैं।

कार्यक्रम में हो चुके हैं बड़े-बड़े लोग शामिल

गुलाब जी इसके अलावा हर साल 2 बार एक कार्यक्रम का आयोजन करते थे। वह 7 फरवरी को अपने स्थापना दिवस और जन्माष्टमी के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन करते थे। गुलाब जी ने इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनकी दुकान पर बड़े-बड़े लोग चाय पीने के अलावा उनके कार्यक्रम में भी प्रस्तुति दे चुके हैं। बिस्मिल्लाह खान, पंडित शिवचरण, अनुराधा पौडवाल जैसे लोग भी उनके कार्यक्रम में प्रस्तुति दे चुके हैं।

2 मई 2020 को गुलाब जी का निधन हो गया उनके निधन की खबर सुनते ही कई बड़े लोगों ने शोक जाहिर किया। पद्म भूषण पंडित विश्व मोहन भट्ट समेत पदम श्री उस्ताद वासिफ उददीन डगर व पद्म श्री अनूप जलोटा आदि जैसे कई बड़े कलाकारों ने उनके जाने का दुख जताया। गुलाब जी ने 95 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन उनकी 75 बरस पुरानी दुकान आज भी गुलाबी नगरी जयपुर में मौजूद है। उनके साथी इस दुकान को चलाते हैं।

गुलाब जी चाय वाले की प्रसिद्ध चाय पर बहुत सारे मिम्स भी बने है जैसे

सरल सीधे स्वभाव के थे गुलाब जी

गुलाब जी के स्वभाव की बात करें तो वह बहुत सरल और सीधे स्वभाव के थे। कई बार तो अपने ग्राहकों के साथ चाय पीते नजर आया करते। गुलाब जी सफेद धोती कुर्ता और सफेद साफा पहनते थे। सफेद रंग के कपड़े कई सालों से पहनते हुए नजर आ रहे थे, उनका कहना था कि आदमी को सरल और जमीन से जुड़ा रहना चाहिए। लोगों की सेवा में हमेशा तत्पर रहना चाहिए। उनके इस स्वभाव के लिए उनके ग्राहक जरूर उनको याद करेंगे।

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