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जैसलमेर

रेगिस्तान के धोरों में संसद भवन जैसा लड़कियों वाला स्कूल जिसकी खूबसूरती देख पसीने छूट जाएंगे

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jaisalmer kanoi village school

दुनिया के सात अजूबे हमने देखे हैं। लेकिन अगर हम आपको आठवां अजूबा जैसा कुछ दुनिया में है तो आप भी उसे देखने और जानने के लिए उत्सुक हो जाएंगे। दरअसल राजस्थान के जैसलमेर जिले के कनोई गांव में ऐसा स्कूल है जो शायद देश का सबसे बेहतरीन डिजाइन वाला और सबसे मनमोहक डिजाइन वाला स्कूल है।

शायद दुनिया में ऐसा स्कूल बना ही नहीं है। हम बात कर रहे हैं जैसलमेर (Jaisalmer) के कनोई गांव (Kanoi Village) में महल के जैसा बना रत्नावती भाटी (Ratnavati Bhati) के नाम पर चल रहा गर्ल्स स्कूल जिसका डिजाइन सबका मन भा रहा है।

महिलाओं के लिए बना है खास स्कूल

रत्नावती भाटी के नाम चल रहा गर्ल्स स्कूल वास्तु सत्य का प्रदर्शन करता है। यह स्कूल देश के राष्ट्रपति भवन जैसे आकार का है। अंडाकार में बनी इमारत लड़कियों को पढ़ाने का इंतजाम करती है। गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए इस स्कूल का निर्माण किया गया है। गांव के बच्चे भी अपने जीवन में कुछ बेहतर कर सके उसके लिए इस स्कूल को बनाने का सोचा गया और इसीलिए इसका निर्माण किया गया है।

साल 2021 मार्च के महीने में इसे शुरू करने की तिथि तय हुई थी,लेकिन कोरोनावायरस की वजह से यह बंद हो गई। लेकिन अभी यब स्कूल शुरू हो चुका हैं। स्कूल का निर्माण डायना के लॉन्ग आर्किटेक्ट फमे ने किया है। इसके साथ ही सीआईटीटीए एनजीओ ने भी इसको बनाने में मदद की है। स्कूल को ज्ञान का केंद्र भी कहा जाता है। ज्ञान सेंटर के नाम से मशहूर इस स्कूल में 400 लड़कियां पढ़ती है। पहले से स्कूल को केवल पांचवी कक्षा तक बनाया गया था। लेकिन अब बढ़ाकर दसवीं कक्षा तक कर दिया गया है।

स्कूल के लिए दान की 22 एकड़ ज़मीन

स्कूल को बनाने के लिए जैसलमेर फाउंडेशन की अध्यक्ष मनविंदर सिंह ने 22 एकड़ जमीन दान में दे दी। इसके अलावा उन्होंने खुद मुंबई (Mumbai) और विदेश के न्यूयॉर्क (New York) से भी पैसा इकट्ठा किया ताकि स्कूल का निर्माण हो सके। इसके अलावा जैसलमेर महारावल चैतन्य राज सिंह कहते हैं कि स्कूल को ओवल की शेप में बनाया गया है। जो महिलाओं के सम्मान सहयोग करती है। वे कहते हैं कि स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके अलावा हम आपको बता दें तो बॉलीवुड के एक्टर सोनम कपूर ने भी इस स्कूल को खड़ा करने में अपना योगदान दिया है।

भारत पाक सीमा पर स्कूल, एक भी ऐसा नहीं है मौजूद

भारत पाक की सीमा पर रेगिस्तान के बीचो-बीच बने से स्कूल में एक भी एयर कंडीशनर नहीं है। हम आपको बता दें कि रेगिस्तान में लगभग 50 डिग्री का तापमान रहता है। लेकिन फिर भी स्कूल में गर्मी का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता। इस स्कूल की बनावट ऐसी है कि जालीदार दिवारी और हवादार छत विपरीत मौसम का सुकून देती है। इस स्कूल में एक भी एयर कंडीशनर नहीं है और उसके बावजूद भी बच्चों को गर्मी नहीं लगती। इसी वजह से यह स्कूल वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, सभी लोग इस स्कूल की तारीफ कर रहे हैं।

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