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जैसलमेर

भूतिया गाँव के गेटकीपर व ऑस्ट्रेलिया की मरीना की सात समंदर पार वाली दर्दभरी प्रेम कहानी की दास्ताँ

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आज हम आपको एक ऐसी प्रेम कहानी के बारे में बताएंगे जो कई सालों बाद पूरी भी है और अधूरी भी है। यह प्रेम कहानी गेटकीपर की ‘अधूरी प्रेम कहानी…थी, तो जानते है उन्ही की जुबानी उनके प्यार की दास्ताँ और कैसे उनका प्यार लौट आया। यह प्रेम कहानी है एक गेटकीपर और ऑस्ट्रेलिया की पर्यटक मरीना की।गेट कीपर अपनी प्रेम कहानी के बारे में बताते हैं, कि जब वह 30 वर्ष के थे तो मरीना सबसे पहले उन्हें जैसलमेर में मिली।

वह जैसलमेर में ऑस्ट्रेलिया से आई थी। वह रेगिस्तान के सफारी घूमना चाहती थी, उसकी ट्रिप 5 दिनों की थी। मैंने उसे ऊंट के ऊपर सवारी करना सिखाया। यह बात 1970 की है उन दिनों पहली नजर में प्यार हो जाता था। वे आगे बताते हैं कि हम दोनों के लिए यह एक रोमांच भरा समय था। लेकिन यह मेरे लिए तो एकतरफा प्यार था। पूरी ट्रिप के दौरान हम एक दूसरे से आंखें मिला कर बात करते। ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले उसने मुझे कहा कि वह मुझसे प्यार करती है, यह सुनकर मैं लाल हो गया। आज से पहले किसी भी व्यक्ति ने मुझे ऐसा नहीं कहा था। मैं थोड़ा शर्मीला था इसलिए उसकी बात का ढंग से जवाब नहीं दे पाया। वह इस बात को समझ गई और हमेशा मेरे संपर्क में रही। मरीना हर हफ्ते मुझे लिख कर के कुछ ना कुछ भेजती थी, उसने मुझे ऑस्ट्रेलिया आने का भी निमंत्रण भी दिया। तब मानो मैं यह सुनकर चांद के पार जा चुका था।

मैंने अपने परिवार को बिना बताए 30 हजार रुपयों का लोन लिया और एक टिकट खरीदी। मैंने किसी तरह से वीजा का भी इंतजाम किया और हवाई जहाज लेकर के पहुंच गया ऑस्ट्रेलिया। वह 3 महीने मेरे लिए बड़े ही शानदार रहे। उसने मुझे इंग्लिश सिखाई, मैंने उसे राजस्थान की संस्कृति और राजस्थानी नृत्य घूमर सिखाया। अचानक उसने मुझे कहा चलो शादी कर लेते हैं और ऑस्ट्रेलिया में ही बस जाते हैं। मेरे लिए यह सब पेचीदा सा था, मैं अपने मातृभूमि को नहीं छोड़ना चाहता था और वह भारत में रहना नहीं चाहती थी। मैंने उससे कहा कि यह ज्यादा लंबे समय तक काम नहीं करेगा और हम दोनों अलग हो गए। यह मेरे लिए आसान नहीं था और मरीना भी उस दिन बहुत रो रही थी। जब मैं उसे छोड़ कर आ गया तो फिर जिंदगी आगे बढ़ी।

कुछ सालों बाद मेरे परिवार की तरफ से मुझे प्रभाव डाला गया और मेरी शादी हो गई। मुझे एक नौकरी भी मिली, नौकरी गेटकीपर की थी नौकरी कुलधारा गांव में थी। इस गांव में लोग बताते थे कि भूत रहता है, लोग गांव को खाली भी कर रहे थे। लेकिन मैंने वहीं रुकने का निर्णय लिया और मैं बस यही सोचता कि क्या मरीना ने भी शादी कर ली होगी। क्या मैं उसे दोबारा देख पाऊंगा। लेकिन कभी मेरे अंदर यह आत्मविश्वास नहीं आया कि मैं लिख करके उससे कुछ पूछ लूं।

समय बीतता गया हमारी यादें भी धुंधली होती गई। मैं अपने परिवार और खुद में व्यस्त हो गया, परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गया। 2 साल पहले मेरी पत्नी का देहांत हो गया,मेरे सभी बेटों का विवाह हो गया और सभी बच्चे नौकरी के लिए बाहर चले गए। यहां मैं 82 साल का जैसलमेर के कुलधरा जो भूतिया गाँव में गेट कीपर का काम कर रहा हूं।

लेकिन मैंने यह अनुभव किया कि जिंदगी आपको कभी भी चौंका सकती है और मेरे साथ ऐसा हुआ। 1 महीने पहले मरीना ने मुझे लिखकर भेजा कि कैसे हो मेरे दोस्त। लगभग 50 वर्ष बाद उसने मुझे ढूंढ लिया और उस पत्र के बाद हर रोज वह मुझे फोन करती है। हम दोनों रोजाना लंबी बातें करते हैं, मरीना ने मुझे बताया कि उसने आज तक शादी नहीं की है और वह भारत जल्दी ही आ रही है। गेटकीपर आगे बताते हैं कि राम जी की कसम ऐसा लगता है कि मैं 21 वर्ष का हो गया हूं। मुझे नहीं पता भविष्य में क्या है लेकिन मैं यह जानता हूं कि मेरी जिंदगी का पहला प्यार मेरी जिंदगी में वापस आ चुका है। मेरा पहला प्यार रोज मुझसे बात करता है। मेरी क्या फीलिंग है वह मैं किसी को बयां भी नहीं कर सकता।

हम सब ने भारतीय फिल्मों में ऐसा जरूर सुना या ऐसा जरूर देखा है जहां एक तरफा प्यार कुछ सालों बाद वापस लौट आता है। ऐसा ही कुछ हुआ गेटकीपर साहब की प्रेम कहानी में, उनका पहला प्यार भी कुछ 50 साल बाद वापस आ गया। इसलिए कहा जाता है कि जिंदगी आपको कभी भी चौंका सकती है, जिंदगी में अगले पल क्या होगा हम नहीं जानते। बस हम सभी को उस वक्त के लिए तैयार रहना चाहिए, जिंदगी दुख देती है तो सुख भी देती है। विश्वास के साथ हमें जिंदगी को हर पल खुश रह कर के जीना चाहिए।

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