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राजस्थान

राजस्थान के गोल्डन पैलेस में की गई 22 कैरेट सोने से नक्काशी, आप भी इसे देखने से रोक नहीं पाओगे

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jal mahal story

जयपुर : हम अक्सर रॉयल जगहों को देखने के लिए उत्सुक रहते है फिर चाहे वो ताजमहल (Tajmahal) हो या फिर मानसागर झील (Mansagar Lake) में बना जलमहल (Jalmahal)। तो अगर आप भी ऐसी सुंदर और भव्य जगहों को देखने के लिए हमेशा तैयार रहते है तो

आपको जानकर खुशी होगी की मानसागर झील में बने जलमहल में 22 कैरेट सोने की नक्काशी के साथ कुंदन और मीनाकारी करके नया लुक दिया गया है। 288 साल पुराने इस जलमहल को लोटस थीम पर रिनोवेट किया गया है। इस काम में लगभग 135 करोड़ रुपए खर्च करके इसे रॉयल लुक दिया गया है।

नवरत्न कोठारी (Navratan Kothari) जो इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे वो बताते हैं कि उन्होंने इस काम के लिए देश – विदेश से बेस्ट लोगों को हायर किया है। इतना ही नहीं वो इस काम के लिए अक्सर खुद भी फिल्ड में जाते रहते थे। कोठारी का यह सपना था कि वो इस जलमहल को उसी अवतार में वापस लेकर आ सके जैसे वो सालों पहले बना था। वही, इनके बेटे भी इस प्रोजेक्ट पर खुब मेहनत कर रहे है।

जलमहल की छत पर था शाही उद्यान

ऐसा बताया जाता है की जलमहल की छत पर शाही उद्यान हुआ करता था। लेकिन काफी समय से ध्यान न देने के कारण वहां जंगली घास उग गई थी। इंडियन गार्डन एक्सपर्ट मिशेल ने यहां एक बार फिर शाही बाग का निर्माण किया।

इस गार्डन के निर्माण के समय इसे लोटस थीम (Lotus Theme) दिया गया था। इस गार्डन को चार हेरिटेज डिवीजन के साथ एक ब्यूटीफुली कार्विंग करके बनाया है। इस बाग की खूबसूरत रेलिंग का डिजाइन सिटी पैलेस के चंद्र – महल गार्डन में उपस्थित कमल बुर्ज मंडल से लिया गया है। इस बाग में सभी फूल व्हाइट है इसलिए इसे चमेली बाग कहा गया है। यहां की हवा में भी चमेली, कमल और फ्रेंजीपानी फूलों की खुशबू आती है।

इस बगीचे के चारों तरफ व्हाइट मार्बल की छतरियां बनाई गई है। और यहां का आर्ट वर्क जयपुर के सिटी पैलेस के सिलेह खाना के आर्ट से इंस्पायर होकर बनाया गया है।

जलमहल में जिस मार्बल और बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया गया है वह आमेर और जयपुर की राजपूती आर्किटेचर (Rajputi Architecture) से इंस्पायर है।

महल को तैयार करने में ली एक्सपर्ट की सलाह

जलमहल को बेहतर स्थिति में लेकर आने के लिए देश के लीडिंग एक्सपर्ट और अवॉर्डेड प्रोफेसर कुलभूषण जैन की गाइडेंस ली गई। उन्होंने महीनों तक इस रिसर्च की और पारंपरिक प्लास्टर बनाने की तकनीक खोजी।

इस महल में पांच थीम पर आर्ट गैलरी की सीरीज बनाई गई है। इन पेंटिंग में जयपुर के हेरिजेट को काफी स्पेशल तरीके से फोकस किया गया है।

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