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झुंझुनू

धांसू बिज़नेसमैन ‘पीरामल’ जिसने 50 रूपए से खड़ा किया हजारों करोडों का साम्राज्य, संघर्ष की कहानी

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अजय पीरामल (65) का जन्म 3 अगस्त 1955 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के बगड़ गांव में हुआ। अपनी शिक्षा-दीक्षा उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में की और यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से पढ़ें। इसके बाद वह हावर्ड यूनिवर्सिटी में भी पढ़े। अजय पीरामल की पत्नी का नाम स्वाति पीरामल है। उनके दो बच्चे हैं,पुत्री का नाम नंदिनी पीरामल और बेटे का नाम आनंद पीरामल हैं। आनंद पीरामल से जुड़ी एक खास बात बताएं तो आनंद की शादी देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी से साल 2018 में हुई थी।
पीरामल परिवार के संपत्ति की बात करें तो उनकी कुल संपत्ति 3.6 बिलीयन डॉलर की है।

जीवन का एक खास किस्सा

एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान अजय पीरामल ने अपनी जिंदगी जुड़ा एक खास किस्सा बताया। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में वह एक बार इंटरनेशनल दवा कंपनी एस्टा निकोलस की एक शाखा निकोलस लेबर ट्रीज खरीदने गए थे। तब उनकी उम्र केवल 32 वर्ष की थी। जब लोगों ने उन्हें युवा आयु में वहां देखा तो सभी ने मजाक बनाया कि यह छोटा बच्चा क्या व्यापार करेगा। अजय पीरामल ने उन सभी को तब चुकाया जब उन्होंने इस कंपनी का हिस्सा 16.5 करोड़ रुपयों में खरीदा। अजय पीरामल को कई पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।

पारिवारिक व्यापार को बढ़ाया आगे

उनके परिवार के व्यापार के बारे में बात करें तो सन 1920 में अजय पीरामल के दादा चतुर्भुज मखनिया ने ₹50 लेकर राजस्थान के गांव बगड़ से मुंबई का सफर तय किया। वहां उन्होंने कोपर,सिल्क और सिल्वर का बिजनेस शुरू किया। सन् 1958 में अजय पीरामल के पिता ने भी यह कारोबार संभाला। उनके उनके पिता गोपी कृष्ण ने ने साल 1962 में एक करोड़ की मॉडर्न स्पिनिंग यूनिट लगाई।

जो उस समय में सबसे बड़ी कीमत को यूनिट मानी गई। 70 के दशक में वीआईपी इंडस्ट्रीज और मीरांडा टूल्स कंपनी भी पीरामल परिवार ने खोली। साल 1977 में अजय पीरामल ने भी अपने अपने पारिवारिक व्यापार को संभाला तब उनकी उम्र केवल 22 वर्ष की थी। साल 1984 में गुजरात ग्लास लिमिटेड अजय पीरामल ने खरीदी और फार्मा प्रोडक्ट के लिए यह कंपनी गिलास बनाया करती थी। अब पिपीरामलरामल परिवार की चौथी पीढ़ी, आनंद पीरामल भी इस व्यापार में जुड़ चुके हैं

अजय पीरामल इसकोंन फूड रिलीफ फाउंडेशन एडवाइजरी कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं। यह फाउंडेशन रोजाना 12 लाख बच्चों को खाना खिलाने का काम करता है। अजय पीरामल की कंपनी फार्मा इंडिया कंपनी भारत में पांचवा स्थान रखती है। अजय पीरामल पीरामल ग्रुप के अध्यक्ष हैं। साथ ही वह टाटा संस लिमिटेड के non-executive पद पर भी रह चुके हैं।

एक छोटे से गांव से उठकर देश के अमीर व्यक्तियों की सूची में नाम दर्ज कराने वाले अजय पीरामल को आज हर एक व्यक्ति जानता है। उनका कारोबार दवा,कॉपर आदि जैसे कई क्षेत्रो में फैला हुआ है। अजय पीरामल का पारिवारिक व्यापार ₹50 से शुरु होकर कई हजार करोड़ तक पहुंच गया। जो बताता है जीवन में संघर्ष तो है लेकिन मेहनत सच्ची लगन के आगे छोटा हैं। इंसान अगर आगे बढ़ने की ठान ले तो उसका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता।

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