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झुंझुनू

झुंझुनू के धमोरा गांव की बहू और बेटी दोनों हैं मेजर ~ दिल छू जाने वाली कहानी

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झुंझुनू के धमोरा गांव की बहू और बेटी दोनों हैं मेजर ~ दिल छू जाने वाली कहानी:

राजस्थान के झुंझुनूं का इतिहास किसी परिचय का मोहताज नहीं है लेकिन हाल ही में यहाँ के धमोरा गांव में ऐसा वाकया सामने आया है कि पूरा झुंझुनूं गर्व से बोल रहा है कि “म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के ?” दरअसल हुआ ये है कि हाल ही में धमोरा गांव की एक बहु और एक बेटी दोनों ने भारतीय सेना में मेजर बनकर इतिहास रच दिया है.

 

कौन हैं धमोरा की मेजर बहू और बेटी

झुंझुनूं जिला मुख्यालय से 46 किलोमीटर दूर स्थित गांव धमोरा के मनोहर सिंह शेखावत की बेटी नवीना शेखावत और सम्पत सिंह की पुत्रवधू प्रेरणा सिंह खींची को भारतीय सेना में मेजर के पद तक पहुंचने का गौरव प्राप्त हुआ है.

मेजर प्रेरणा सिंह

भारतीय सेना में बतौर मेजर कार्यरत प्रेरणा सिंह खींची मूलरूप से जोधपुर की रहने वाली हैं. जोधपुर के नाथूसिंह खींची के घर जन्मीं प्रेरणा सिंह खींची की शादी झुंझुनूं जिले के गांव धमोरा निवासी मान्धाता सिंह के साथ हुई है. इनके सात साल की एक बेटी भी है और मान्धाता सिंह हाईकोर्ट में एडवोकेट हैं. प्रेरणा सिंह खींची के ससुर सम्पत सिंह बताते हैं कि प्रेरणा को देशसेवा की सीख विरासत में मिली है. उनके दादा बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट व नाना सेना में रिशालदार के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. दादा और नाना के नक्शे-कदम पर चलते हुए प्रेरणा ने भी वर्ष 2011 में पहले ही प्रयास में इंडियन आर्मी ज्वाइन की थी. 17 सितम्बर 2017 को प्रेरणा को मेजर पद पर पदोन्नति मिली. प्रेरणा धमोरा गांव से मेजर बनने वाली पहली बहू हैं।

मेजर नवीना शेखावत

धमोरा निवासी मनोहर सिंह शेखावत की बेटी नवीना शेखावत गांव धमोरा से पहली बेटी है, जो भारतीय सेना में मेजर बनी है. उनके पिता भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं. नवीना कंवर शेखावत ने वर्ष 2011 में बतौर लेफ्टिनेंट भारतीय सेना ज्वाइन की थी, फिर इन्हें मेजर के रूप में पदोन्नति मिली. वर्ष 2012 में नवीना शेखावत की शादी पाली जिले के गांव खौड़ के मिथिलेश सिंह के साथ हुई.

दोनों ही नहीं भूलीं परम्पराएं और संस्कार

कामयाबी मिलने के बाद अक्सर लोग अपनी परम्पराएं और संस्कार भूल जाते हैं, मगर इस मामले में नवीना शेखावत और प्रेरणा सिंह खींची दोनों की कहानी जुदा है. इस बात का सबूत यह है कि जब भी प्रेरणा और नवीना अपने मायके या ससुराल आती हैं तो राजस्थान की राजपूत महिलाओं की परंपरागत पोशाक में नजर आती हैं.

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