राजस्थान की वह सिंगर जिसने मारवाड़ी म्यूजिक को दी एक नई पहचान, ऊंचा किया प्रदेश का नाम

Jhunjhunu Anchal Bhatt Singer:आंचल भट्ट सिंगर, झुंझुनू राजस्थान।
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मन मंदिर में म्यूजिक बजता,
और कहीं मन जावे ना।
छोड़ पढ़ाई बीच में आई,
मोर पपैया गावे था।

आंचल भट्ट का धमाकेदार इंटरव्यू।
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दोस्तों नमस्कार।
दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी शख्सियत से रूबरू करवा रहा हूं, जिसका बेबाक इंटरव्यू सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। हंसमुख चुलबुली सिंगर, जिसके गानों ने पूरे राजस्थान में तहलका मचा रखा है और जिसके सॉन्स पर हर कोई थिरकना पसंद करता है।

नाम और परिचय।
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anchal singer

आंचल भट्ट (Jhunjhunu Anchal Bhatt Singer) झुंझुनूं के रानी सती मंदिर के नजदीक रहने वालीं चुलबुली सिंगर आंचल भट्ट (Jhunjhunu Anchal Bhatt Singer) ने दीप से बात करते हुए अपने बारे में बचपन से लेकर अब तक की सभी बातें साझा की। उन्होंने बताया कि हम सभी परिवार के सदस्य- जिनमें मम्मी-पापा तथा अंकल इत्यादि रानी सती मंदिर जाया करते थे, और वहां पर भजन करना लगभग रोज का काम था।
मेरे पापा श्याम म्यूजिकल पार्टी भी चलाते हैं। मेरा गाने में बहुत ज्यादा मन था। मैं पढ़ाई में भी होशियार थी,मुझे दसवीं में गार्गी पुरस्कार से नवाजा गया था। मुझे 11वीं क्लास में पढ़ाई के साथ-साथ में एमबीबीएस (MBBS) की तैयारी करने के लिए कहा गया और सीकर भेज दिया। लेकिनमेरा वहां पर मन नहीं लगा और मैं वापस आ गई।

संगीत की शिक्षा।
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आंचल बताती हैं, 12वीं क्लास के बाद जब मैंने पीएमटी (PMT) करने का विचार छोड़ दिया, तब मैंने संगीत में ही आगे पढ़ाई करने का विचार किया तथा चार साल का विशारद का कोर्स किया। उसके बाद मैं जयपुर आई और वहां राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) से डिप्लोमा कोर्स किया। जिसके बाद परिवार ने सरकारी सेवा में जाने के लिए बाध्य किया। लेकिन उन्होंने अपने ख्वाब की दिशा की ओर ही बढ़ना स्वीकारा।
पसंदीदा सिंगर के बारे में पूछने पर वह कहती हैं कि बचपन में रंगोली (Rangoli) नाम एक प्रोग्राम आता था,उसमें पुराने गीत आते थे, जिसमें लता मंगेशकर, श्रेया मिश्रा और राजस्थानी स्वर कोकिला सीमा मिश्रा से मैं बहुत प्रभावित हुई हूं।  आंचल आगे बताती हैं कि मैंने संगीत सीखा है, लेकिन संगीत को गहराई से मैंने शिक्षा द्वारा ही सीखा है। जिसके लिए मैं मेरे घर वालों का , मेरे माता-पिता का बहुत धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इसका गहराई से ज्ञान करवाया है।वह ज्ञान केवल और केवल शिक्षा के द्वारा ही प्राप्त हो सकता है।

अन्य।
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आंचल भट्ट कहती है कि मैं सिंगिंग टीचर, डांस टीचर भी रही हूं। उस दौरान एल्बम वालों से, गाने लिखने वालों से, स्टूडियो वालों से मेरा संपर्क हुआ और मैं धीरे धीरे इस प्रोफेशन से जुड़ गई। मैंने मेरे पापा के साथ में बचपन से ही प्रोग्राम देना शुरू कर दिया था इसलिए स्टेज प्रोग्राम में मुझे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आती थी। मेरे भैया ने भी पढ़ाई के साथ साथ में स्टेज प्रोग्राम किए हैं और मेरे साथ में वीडियो भी बनाए हैं।

अपने विचार।
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सब में है संगीत भरा,
सब को है यह ज्ञान।
जीवन का यह हिस्सा है,
है ईश्वर का वरदान।

विद्याधर तेतरवाल,
मोतीसर।

इंटरव्यू देखें- 

 

 

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