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झुंझुनू

आखिर कब होगी #झुंझुनू_आर्मी_भर्ती ? 2 वर्षो से सैनिकों की धरती से बेरोजगार युवाओं की मांग

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पूरे देश में इस वक्त बेरोजगारी का स्तर बेहद ऊँचा है। लगातार पूरे देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। एक निजी रिपोर्ट की मानें तो इस वक्त देश में पिछले 45 सालों की सबसे ज्यादा बेरोजगारी देश झेल रहा है। ऊपर से मार्च 2020 में जब से लॉकडाउन लगा है तबसे बेरोजगारी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई ऐसी रिपोर्ट सामने आ चुकी है जहां कई बड़ी कंपनियों सहित कई सरकारी विभागों से लोगों को निकाला जा चुका है।

 

बढ़ती बेरोजगारी को लेकर लोगों के अपने अपने तर्क हैं। कुछ लोग इस बात के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं सरकार कोरोनावायरस को और पक्ष विपक्ष के लोग अपने-अपने तर्क लगातार किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर टीवी डिबेट में लगातार ऐसी बात देखने को मिल जाती है, जहां लोग बेरोजगारी पर लड़ते हुए नजर आते हैं।

वही अब बेरोजगारी कि आच झुंझुनू जिले तक भी पहुंच चुकी है। राजस्थान के झुंझुनू जिले में अब बेरोजगारी को लेकर एक जन आंदोलन शुरू हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार 2019 से इस जिले में आर्मी की भर्ती नहीं हुई है। वहीं इस को लेकर राज्य सरकार व केंद्र सरकार कोरोनावायरस को जिम्मेदार ठहरा रही है। वही नौजवान बच्चे लगातार भर्ती की मांग कर रहे हैं।

इसी को लेकर भादरा से विधायक बलवान पूनिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कुछ खास बातों का जिक्र किया है। साथ ही उन्होंने जल्द ही भर्तियों को शुरू करने की भी मांग की है।

नही निकली 2019 से भर्ती 

विधायक और ऑल इंडिया किसान सभा के जॉइंट सेक्रेटरी बलवान पुनिया ने अपने पत्र में जिक्र किया है कि एआरओ सेन्टर झुंझुनू, अलवर तथा उनके विधानसभा क्षेत्र भादरा में साल 2019 से एक भी भर्ती नहीं हुई है। उन्होंने लिखा है कि झुंझुनूं के साथ हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, श्रीगंगानगर जिले में भी 2019 से एक भी भर्ती में हुई है।

कुछ जिलों में हुई भर्ती 

बकौल विधायक पुनिया की माने तो केवल जोधपुर कोटा जयपुर में जुलाई के महीने में कुछ भर्तियां हुई थी।

रक्षा मंत्रालय को करे सिफारिश, साथ ही दे छूट

विधायक पुनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एक मांग भी की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से रक्षा मंत्रालय को सिफारिश करने के लिए कहा हैं। पत्र में साथ ही यह भी जिक्र किया है कि जो लोग कोरोना के 2 सालों के भर्ती नही दे पाए, उन्हें उम्र में 2 सालों की छूठ भी दी जाए। उन्होंने पत्र में लिखा है कि आम और गरीब परिवार के लड़कों का सपना टूटा है जो आर्मी में जाना चाहते थे।

ट्विटर पर हुआ ट्रेंड 

वही विधायक जी के पत्र से पहले ट्विटर पर #झुंझुनु_आर्मी_भर्ती ट्रेंड करने लगा। ट्विट को देखा जाए तो लोग राज्य सरकार के साथ साथ केन्द्र को भी घेरते हुए नजर आए। वही कुछ लोगो ने लिखा कि हमारा सपना टूटा हैं।

साथ ही लोगो ने ट्विटर पर झुंझुनू के सांसद नरेंद्र कुमार व जिला प्रमुख को भी टैग किया।

वीरो की धरती है झुंझुनूं वही जानकारी के लिए आपको बता दे कि झुंझुनूं को हमेशा से ही वीरो की धरती माना जाता है। कहा जाता है कि झुंझुनूं जिले से भारत में सबसे ज्यादा लोग आर्म्ड फोर्स में जाते है। भारत के सारे जिलों में से सबसे ज्यादा झुंझुनूं के लोग सबसे ज्यादा सेना में जाते है। तो जाहिर सी बात है कि आर्मी की भर्ती न निकलने से नाराजगी होना यहाँ के लोगो के लिए आम बात है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भी ट्रेंड हुआ बेरोजगारी का हैशटेग

17 सितंबर यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भी ट्वीटर पर #बेरोजगारी दिवस ट्रेंड होने लगा था। लगातार लोग सरकार से नौकरी की मांग करते हुए नजर आ रहे है।

अब आगे देखना होगा कि सरकार इस बड़े मुद्दे के लिए क्या हाल निकलती है। हालांकि इस बड़े मुद्दे के लिए केंद्र के साथ राज्य सरकार को भी अपने विभाग की नौकरी के लिए ज़िम्मेदारी लेनी पड़ेगी।

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