झुंझुनू: 100 साल की दादी ने बताए मजेदार अनुभव, सुनकर आपको भी हो जाएगा दादी से प्यार

Jhunjhunu Dadi Interview age 100: सौ वर्ष की दादी, केहरपुरा खुर्द, झुंझुनू।
,*******************************

शुद्ध खानपान और शुद्ध विचार,
स्वास्थ्य की पहचान है।
हंसता चेहरा और प्यार भरा हो,
तो सौ वर्ष का मेहमान है।

सौ वर्ष की दादी का बेबाक इंटरव्यू।
*****************************
दोस्तों नमस्कार!
दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी बुजुर्ग महिला से रूबरू करवा रहा हूं, जिनकी उम्र सौ वर्ष से ऊपर हो गई है, लेकिन आज भी हंस-हंस कर बात करती हैं तथा स्वस्थ हैं। झलको झुंझुनू के साथ मिलकर उन्होंने अपनी अब तक के बेहद मजेदार किस्सों से हमें रूबरू करवाया। आइए, जानते हैं दादी के इस सफर की शुरुआत और उस बीच घटे मजेदार संस्मरण के बारे में विस्तारपूर्वक…

परिवार तथा परिचय।
*****************

Jhunjhunu Dadi Interview age 100
झुंझुनू (Jhunjhunu) जिले के चिड़ावा (Chidawa) तहसील के छोटे से गांव केहरपुरा खुर्द (KeharPura Khurd) की सौ वर्ष से ऊपर की दादी ने हमारी संवाददाता खुशबू से बात करते हुए बताया कि उनका जीवन कैसा रहा और आज के जीवन से किस प्रकार भिन्न है। दादी ने बताया कि मेरी शादी तेरह साल की उम्र में ही हो गई थी। मेरे ससुरजी मुझे देखने गए और मेरे पापा के मना करने के बाद भी कहा कि मैं तो अभी शादी करूंगा और अच्छा परिवार होने के नाते पिताजी ने हां कर दी।
अणची दादी ने अपने युवावस्था की बात बताते हुए कहा कि जब हम बकरी, गाय, भैंस चराने के लिए जाती थी। तो पाडे पर चढ़कर ही जाती थी,और पाडे पर बैठ कर ही वापस आती थी। खेत में बहुत पिचू,सांगली,बेर और काकडी मतीरे लगते थे। जिसका भरपूर आनंद उठाते थे। मेरी सब सहेलियां और मिलने वाले हमसब काम भी बहुत करते थे और प्यार से रहते थे।

खाना-पीना।
***********
खाने-पीने के बारे में पूछने पर दादी कहती हैं कि हमारा भोजन बहुत ही शुद्ध होता था। जब बरसात होती थी, उस समय काकडी, टिंडा गवार फली, सांगरी, कैर आदि भरपूर मात्रा में होते थे। और इनकी बड़ी मात्रा में मैं सुकेड़ी कर लेती थी। जिससे बारह महीने तक सब्जी बना कर खाते थे। जिसमें किसी प्रकार की मिलावट नहीं होती थी। इसके अलावा सुबह दही और छाछ तथा सांयकाल दूध और राबड़ी का प्रयोग करते थे। जो आजकल मिलना बहुत दूभर हो गया है।
मेरी देवरानी, जिठानी, रिश्तेदार सब मेरे से सुकेड़ी मांग कर ले जाती थी। दादी परिवार के बारे में विस्तार पूर्वक बात करते हुए कहती कि मेरे बेटे हैं, बहुएं है, पोते और पड़पोते भी हो गए हैं। (Jhunjhunu Dadi Interview age 100)

अणची मगजी।
*************
दादी ने अपने प्यार की कहानी बताते हुए कहा कि मेरे हाथ पर हम दोनों के नाम और फूल खुदे हुए हैं। वह जब भी किसी मेलेमें जाते थे, तो मुझे चूड़ियां लाकर देते थे। मेरे ससुर जी बहुत ही अच्छे आदमी थे। उनकी तुलना कोई नहीं कर सकता। दादी ने बताया की मेरी सास अपने बेटे को एक महीने का छोड़कर अनंत में विलीन हो गई थी। तो मेरी चाची सास ने उनका पालन पोषण किया था।
दादी आपकी बारात कैसे आई थी का जवाब देते हुए दादी कहती है कि मेरी बारात ऊंटों पर आई थी। और मैं भी वधू बनकर एक सजे धजे रोबीले ऊंट पर बैठकर ही ससुराल गई थी।

अन्य।
******
दादी ने बताया कि मैं गीत गाने में सबसे आगे रहती हूं। प्यार मोहब्बत, मिलकर चलना, शुद्ध भोजन और सकारात्मक विचार ही मेरे स्वास्थ्य का राज है। बहूओ से लड़ाई के बारे में पूछने पर दादी कहती है कि मैं काम ही नहीं करती हूं तो मुझ से कौन लड़ेगा।

अपना विचार।
************”

खराब भोजन से पेट बिगड़े,
गंदे विचारों से बुद्धि।
भोजन और विचार शुद्ध हो तो,
स्वास्थ्य में होगी शुद्धि।

विद्याधर तेतरवाल,
मोतीसर।

देखें इंटरव्यू…

Add Comment

   
    >
राजस्थान की बेटी डॉ दिव्यानी कटारा किसी लेडी सिंघम से कम नहीं राजस्थान की शकीरा “गोरी नागोरी” की अदाएं कर देगी आपको घायल दिल्ली की इस मॉडल ने अपने हुस्न से मचाया तहलका, हमेशा रहती चर्चा में यूक्रेन की हॉट खूबसूरत महिला ने जं’ग के लिए उठाया ह’थियार महाशिवरात्रि स्पेशल : जानें भोलेनाथ को प्रसन्न करने की विधि