झुंझुनू के इंसानी फ़रिश्ते नवलगढ़ उद्योगपति कमल मोरारका की राजनीति, खेल तक के सफर की कहानी

आज हम आपको कहानी एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताएंगे जो उद्योगपति से नेता बन गए। देश के उच्च सदन में भी सदस्य के तौर पर रहे। आज की कहानी कमल मोरारका की,कमल जी का जन्म 18 जून 1946 को राजस्थान के नवलगढ़ में हुआ। कमल मोरारका जी मोरारका ऑर्गेनिक के प्रमुख भी रहे, उनकी कंपनी खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ जैसे क्षेत्रों की कंपनी है।

मुरारका जी इंदौर में कपड़ा मिल मालिक भी रह चुके हैं, उनकी मिल का नाम हुकुमचंद मिल था। इंदौर में यह सबसे बड़ी मिल थी जो वित्तीय संकट के बाद बंद हो गई थी। जिसके बाद लगभग 5000 व्यक्ति बेरोजगार हो गए थे जो बताया जाता है कि नब्बे के दशक में इंदौर में सबसे बड़ी बेरोजगारी का स्तर था। मोरारका जी के जीवन की बात करें तो वह साल 1990-,91 में वह चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। इसी दौरान उन्होंने जनता दल सेक्यूलर से भारत के उच्च सदन में भी अपनी सेवा दी।

वह राजस्थान से साल 1988 से लेकर साल 1994 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। उद्योगपति कमल मोरारका खेल में भी रुचि रखते थे वह राजस्थान क्रिकेट बोर्ड और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी रहे थे। साल 2012 में वह समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के प्रमुख भी रहे। यह पार्टी चंद्रशेखर और देवीलाल ने शुरू की थी। कमल मोरारका जी हमेशा ही जिंदादिली आदमी थे। बताते हैं की जीवन के अंतिम समय में वह सीकर में एक खेल ग्राउंड बनाने की योजना बना रहे थे। साथ ही शेखावटी में जैविक खेती को भी उन्होंने बढ़ावा दिया। मोरारका जी की कई हवेलियों नवलगढ़ में आज भी मौजूद है।

कमल मोरारका जी अपने मित्रों के सहित स्विट्जरलैंड के शहर जिनेवा के 5 स्टार होटल से चैक आउट कर चुके थे, तभी सीधे एयरर्पोट जाने की तैयारी थी। 3 घंटे बाद मुंबई की फ्लाइट से वापस लौटना वाले थे तभी उनके निजी सचिव का मुंबई ऑफिस से फोन आया। तब कमल मोरारका जी ने अपनी पत्नी और मित्रों की ओर मुड़कर कहा कि, ‘आप सब लोग जाईए। मैं देर रात की फ्लाइट से आउंगा’। अचानक उनका यह फैसला सुनकर सभी परिवार और मित्र चौक गये।

उन्होंने इसकी वजह पूछी तो उन्होंने जवाब दिया कि, ‘अभी मेरे ऑफिस में कोई महिला आई है, जिसका पति कैंसर से पीड़ित है और उसे एक मंहगे इंजेक्शन की जरूरत है जो सिर्फ जिनेवा शहर में ही मिलता है। अगर मै नहीं पंहुचा तो अनर्थ हो जायगा तो मैं वो इंजैक्शन लेकर कल सुबह तक मुबई आ जाऊंगा। उनके परिवार और मित्रो ने कहा कि इंजेक्शन कूरियर से मंगवा लेंगे लेकिन उनका एक ही जवाब था कि ‘उस आदमी की जान बचाना मेरे लिए इस वक्त ज्यादा कीमती है”, यह घटना एक वास्तविक थी और उन्होंने अपने इंसानी फ़रिश्ते के रूप में सत्यापित किया।

15 जनवरी 2021 को हा’र्ट अ’टैक की वजह से उनकी मृ’त्यु हो गई। नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने ट्वीट कर 15.01.2021 को कमल मोरारका जी के निधन की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा “पूर्व केंद्रीय मंत्री व प्रसिद्ध उद्योगति कमल मोरारका जी के नि’धन से स्तब्ध हूं। यह हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह शोकाकुल परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति दे।”

छोटे से गांव नवलगढ़ से चलकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष तथा केंद्रीय मंत्री और उसके साथ ही राज्यसभा के सदस्य रहे कमल मोरारका की कहानी प्रेरणा देने वाली है। वह समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में शामिल थे।

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