Connect with us

झुंझुनू

झुंझुनू की बेटी व देश की पहली महिला फा’इटर पायलट मोहना सिंह की प्रेरणादायक नारी शक्ति की कहानी

Published

on

भारत को एक पुरुष प्रधान देश माना जाता है। हालांकि हम किताबों में जरूर पढ़ते हैं कि नारी का सम्मान और उसकी पूजा करनी चाहिए। लेकिन इसके बावजूद भी यहां पर्दा प्रथा,भ्रूण हत्या जैसी तमाम चीजें देखने को मिलती है। बरहाल इन बातों को हमारी आज की कहानी गलत साबित करती हैं। आज हम जो कहानी आपको बताने जा रहे हैं उसे पढ़कर शायद देश की हर बेटी को कुछ करने का हौसला मिलेगा। वह भी इस कहानी से प्रेरित होकर जीवन के अंदर अपने सपनों को उड़ान देने की जरूर सोचेगी। वह भी चाहेगी कि पढ़ लिखकर वह भी एक अच्छे मुकाम को हासिल करें।

आज हम आपको कहानी बताएंगे मोहना सिंह जीत वाल की। मोहना सिंह जीत वाल का जन्म 22 जनवरी 1992 को खतेहपुरा जिला झुंझुनू राजस्थान में हुआ। मोहना सिंह ने अपनी पढ़ाई एयर फोर्स स्कूल नई दिल्ली से की,इसके बाद उन्होंने ग्लोबल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी अमृतसर पंजाब से अपना बीटेक किया और 83% नंबर ला करके वह ग्रेजुएट हुई।

मोहना सिंह के दादा लाडू राम जाट पापड़ा गांव के रहने वाले थे। वह भारतीय वायुसेना के जवाब के तौर पर तैनात थे और भारत पाकिस्तान 1948 यु’ द्ध में शही’ द हो गए थे। जिसके बाद भारत सरकार द्वारा उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। मोहन सिंह के पिताजी प्रताप सिंह भी भारतीय वायु सेना के जवान है और इस समय वारं’ट ऑफिसर के तौर पर कार्यरत है। उनकी मां मंजू सिंह शिक्षक है। मोहना को शुरू से ही स्केटिंग बैडमिंटन और गायन का शौक था। बचपन से ही पढ़ाई में भी होशियार थी।

अब आपके मन में ऊपर बताई कहानी पढ़कर यह विचार जरूर आया होगा कि हमने आपको मोहना के परिवार के बारे में बताया लेकिन मोहना के बारे में क्यों नहीं! तो कहा जाता है कि खास बातें अंत में ही बताई जाती है। मोहना सिंह की कहानी बताने के पीछे एक कारण है कि मोहना सिंह देश की पहली इंडियन एयरफोर्स की पायलट में से एक है।

साल 2016 में भारतीय वायु सेना की 3 जवान भावना कंठ,अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह जीतवाल को भारतीय वायुसेना के लड़ा’ कू दस्ते में शामिल किया गया था। तब के स्वर्गीय तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर ने उन्हें लड़ा’ कू दस्ते में शामिल किया था। इसके साथ ही तीनों पायलट ने एयर टू एयर, एयर टू ग्राउंड जैसे परीक्षण में सफलता हासिल की हैं। एक लंबे परीक्षण के बाद 2018 में तीनों ने मिलकर भारतीय वायुसेना के जहाज मिग 21 को उड़ाया था।

वही साल 2020 में 9 मार्च को भारत के माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मोहना सिंह समेत बाकी दोनों पायलट को नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया। पिछले ही साल महिला दिवस के समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ट्विटर अकाउंट सात महिलाओं को संभालने के लिए दिया था। उनमें भी मोहना सिंह का नाम था।

मोहना सिंह की कहानी हर लड़की के जज्बे को प्रेरित करने वाली है। उनका परिवार पिछले कई पीढ़ी से देश की सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। मोहना सिंह राजस्थान की रहने वाली है उन्होंने गांव की हर एक लड़की को प्रेरणा दी की वह भी अपने सपने पूरे कर सकती हैं।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

   
    >