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झुंझुनू

झुंझुनू की छोरी ने टैलेंट के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम कमाया,बड़े कलाकारों के साथ किया काम

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आज की कहानी एक ऐसी लड़की की जो एक छोटी सी ढाणी से उठकर बॉलीवुड में अपना परचम लहरा रही है। झुंझुनू सूरजगढ़ के सेडू की ढाणी में जन्मी प्रिया छाबा अपने सपनों की उड़ान के लिए माया नगरी मुंबई में अपना परचम लहरा रही हैं। छोटी सी ढाणी में जन्मी प्रिया ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, उन्होंने बीटेक के बाद एमटेक की पढ़ाई पूरी की और फिल्मों की दुनिया में अपना कदम रखने चल पड़ी। प्रिया छाबा पहले मॉडलिंग किया करती थी। साल 2018 में उन्होंने मिस इंडिया कंपटीशन में भी भाग लिया जिसमें वह टॉप 3 तक पहुंची थी। यहीं से राखी सावंत के भाई ने उन्हें देखा और उन्हें फिल्मों में आने के लिए अप्रोच किया। जिसके बाद प्रिया ने पहली ही फिल्म बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ की।

रोहित शेट्टी की डायरेक्शन और रणवीर सिंह व सारा अली खान स्टारर फिल्म सिंबा में भी प्रिया ने काम किया है और उनका रणवीर सिंह के साथ काम करने का भी सपना पूरा हो गया। इसके अलावा छोटे पर्दे पर भी कलर्स टीवी के सीरियल में प्रिया छावा नजर आ चुकी है। प्रिया बताती हैं कि वह चाहती हैं कि राजस्थानी फिल्मों में भी सुधार किया जाए और अच्छे डायरेक्टर और अच्छी कहानियां बननी शुरू हो जाए।

जैसे हम आज क्षेत्रीय फिल्मों में साउथ और पंजाबी फिल्मों का नाम सुनते हैं, वैसे ही राजस्थानी फिल्मों का भी बड़ा नाम होना चाहिए। प्रिया बताती हैं कि उनके मामा बचपन से एक्टर बनना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाए। प्रिया आज उनके सपने को पूरा करने बॉलीवुड में आ चुकी है।

मन की सुने आज के युवा

युवाओं को संदेश देते हुए प्रिया ने कहा कि हमेशा मन कि सुनिए। हर एक व्यक्ति के अंदर कोई ना कोई क्वालिटी जरूर होती है। बस हमें उसी को पहचानना है और उसी को फॉलो करना है। मन की सुनिए और जो मन कहता है वही करिए। पूरी मेहनत और लगन के साथ कोई भी काम किया जाए तो वह जरूर पूरा होता है। फिल्म और धारावाहिक के अलावा प्रिया कई गानों में भी लीड रोल में नजर आ चुकी हैं। प्रिय सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं।

कोरोना माहमारी के कारण कलाकार प्रिया छाबा के बहुत सारे प्रोजेक्ट्स अभी पेंडिंग है और प्रिय छाबा का कहना है कि जल्द ही कोरोना के बुरे वक़्त से निकलने के बाद वापस अपने प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू करेंगी। कलाकार प्रिया छाबा ने बहुत सारे ज़ी म्यूजिक (Zee Music) के एलबम किये है और साथ ही MX प्लेयर के लिए बहुत सारी शार्ट फिल्में व TVC विज्ञापन किये जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

झुंझुनू की बेटी प्रिया छाबा ने महिलाओं के उत्थान और उनकी सुरक्षा के लिए बहुत सारे कदम उठाये है, इसी बीच वो महिला सुरक्षा के लिए Drishtikaun (दृष्टिकोण) एप की ब्रांड एम्बेस्डर रह चुकी है। प्रिया का कहना है कि अभी बहुत सारे बड़े प्रोजेक्ट भी आने वाले जिसके बाद आप उन्हें बड़े परदे पर देख सकते है।

प्रिया छाबा से जब झलको मीडिया ने यह सवाल किया कि उनकी प्रेरणा कौन है ? जिसने आपको इस फील्ड में आने को प्रेरित किया ? तो उनका जवाब सुनकर आप भी अपने आप को प्राउड महसूस करोगे, उनकी प्रेरणा और कोई नहीं, अपने ही झुंझुनू की एक और बेटी कीर्ति कुलहरि है जिन्होंने प्रिया को प्रेरित किया।

प्रिया कहती है कि अपना झुंझुनू सैनिकों का जिला और देश की शान है और देशभक्ति में ही नहीं, सरकारी नौकरियों, शिक्षा, खेल आदि हर क्षेत्र में अपना नाम इतिहास के पन्नो पर दर्ज़ करवाया है तो मै इस क्षेत्र में जाकर अपने जिले के युवा साथियों को प्रेरित करना चाहती हूँ जो अपने सपनों को मार लेते है और कम ज्ञान के अभाव में वो आगे इस फील्ड में कुछ नहीं कर पाते लेकिन मै झुंझुनू की बेटी होने के नाते सब युवा साथियों जो इस क्षेत्र में कुछ करना चाहते है उनको मार्गदर्शन देना चाहूंगी ताकि किसी का भी सपना ना टूटे।

प्रिया की स्कूलिंग जवाहर नवोदय विद्यालय से हुई है और बचपन से ही वो पढाई में अव्वल रही है, और आज इस मुकाम पर पहुंच कर वो अपने स्कूल के दिनों को भी याद करती है। प्रिया का कहना है कि नवोदय विद्यालय में पढाई करते वक़्त उन्होंने स्कूल से बहुत कुछ सीखा है और सबसे बड़ी बात जो स्कूल ने सिखाई वो थी खुद को लाइफ में चैलेंज करते रहना चाहिए ताकि वक़्त वक़्त पर आगे बढ़ने में आसानी और मज़ा आता है। इस दौरान प्रिया ने अपने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम हैंडल पर अपने स्कूल की एक स्टोरी शेयर की जो इस प्रकार थी ;

मुझे मेरे बहुत सारे स्कूल सहपाठियों से कुछ प्रश्न मिले और कुछ मेरे फैंस जिन्होंने मुझसे सवाल किये कि जैसे मेरी हाइट नहीं, मेरा लुक्स अच्छा नहीं, मेरी पर्सनालिटी अच्छी नहीं है तो क्या कोई चांस है इस फील्ड में जाने का और मेरे सपने पूरे करने का और कुछ फैंस ने प्रश्न किया कि मै जब अपने दोस्तों अपने सपने और फील्ड के बारे में बताया तो उन्होंने मजाक बनाया ? इस तरह से बहुत सारे लोग प्रिया को लिखा फिर प्रिया ने अपनी स्टोरी में लिखा कि

मेरे प्यारे फैंस सबसे पहले कृपया इन बकवासों बातों को सुनना बंद कर दें, कोई भी व्यक्ति पूर्ण रूप से एक दम परफेक्ट पैदा नहीं होता है, हमें खुद को बेहतर बनाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से लड़ने की जरूरत है। दुनिया हमेशा रहने के लिए क्रूर जगह होगी। सपने हमारा दिल और दिमाग देखता है ना की हमारी बॉडी .. तो सपनों का बॉडी से कोई लेना देना नहीं। अगर आपमें जुनून है, अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प है तो आपको कोई नहीं रोक सकता…आपकी शारीरिक बनावट भी नहीं 🙏🙏इसलिए कृपया खुदका आत्मविश्वास ना गिरने दे…आत्मविश्वास सबसे अच्छा गहना है जो आपके व्यक्तित्व को पूरी तरह से बदल देता है। दूसरों को दिखाने के लिए नहीं अपने आत्मविश्वास के लिए अपने व्यक्तित्व में सुधार करते रहें।

आपकी प्रतिभा आपको परिभाषित करेगी, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास क्या आकार है, आपके पास क्या है … इसलिए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें। कुछ लोगो के बॉडी शेमिंग करने से अपने सपनों को मत मारो। (सर्वश्रेष्ठ उदाहरण नवाजुद्दीन सिद्दीकी सर)

कहते है ना माँ सच्चाई की मूर्त होती है तो एक बार मां से पुछना दुनिया में सबसे खूबसूरत कौन ह…?? जवाब मिल जाएगा .. तो उस मां की नजर से खुदको देखो …खुद से प्यार हो जाएगा मुझ पर भरोसा करो

आप जेसे हो परफेक्ट हो।

जब मैं स्कूल में थी तो मुझे इन सभी बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ता था ….बहुत ज्यादा स्किनी, बहुत बालों वाली लड़की लगती थी। जब मैं ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली आई तो कोई भी मेरा फ्रैंड नहीं बनना चाहता था क्योंकि मैं गांव से हूँ। उन्होंने मुझे धमकाया जैसे कि उनके ड्रेसिंग सेंस, ग्वार, अंग्रेजी नहीं आती, कोई व्यक्तित्व आदि आदि नहीं, लेकिन मैंने हमेशा उन चीजों को एक चुनौती के रूप में लिया और उन्हें गलत साबित किया। अपना जीवन अपनी शर्तों पर जिएं।

प्रिया छाबा के सपनों की उड़ान की कहानी के बारे में आपके क्या विचार है कमेंट बॉक्स में जरूर बताये ?

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