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झुंझुनू

21 साल की शेखावाटी की स्वर कोकिला नेहा माहेश्वरी के गाने का हुनर कर देगा आपको दीवाना

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घर स्कूल बाग की कोयल, उड़ने को मन मचल रहा। मौसम का इंतजार करें वो, ऐसा मन में चल रहा। शेखावाटी की स्वर कोकिला, दोस्तों नमस्कार। दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी शख्सियत से मिलाने जा रहा हूं। जो अपना आइडल लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी को मानती हो। बिट्स पिलानी से एमएससी करने के बाद नेहा माहेश्वरी ने गाने में रुचि होने के कारण अपने गाने के हुनर को आगे बढ़ाते हुए स्टेट लेवल तक पहुंचा दिया है।

नेहा माहेश्वरी के पापा बिट्स पिलानी में गणित के टीचर है। तीस साल पहले कोटा के रहने वाले माहेश्वरी जी ने पिलानी में आ कर रहना शुरू किया और नेहा का पूर्ण पालन पोषण पिलानी में ही हुआ। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद में नेहा संगीत में अपना कैरियर बनाना चाहती है, और उसी की तैयारी कर रही है। नेहा लता मंगेशकर और मोहम्मद रफ़ी को अपना आइडल मानती है।

संगीत का शौक कैसे लगा।

सबसे पहले नेहा ने हारमोनियम सीखना शुरू किया और उससे सीखते सीखते ही नेहा को संगीत में रुचि बढ़ी और आज संगीत की दीवानी बन के रह गई है। नेहा बताती है कि मिडिल स्कूल तक मैंने स्कूल के अंदर हारमोनियम बजाते हुए देशभक्ति के गीत गाए हैं और दसवीं क्लास में पहुंचते-पहुंचते मैंने अकेले गाना शुरू कर दिया। सभी तरफ से मुझे प्रोत्साहन मिलने के बाद में अब मैं रमजान जी रिजवी झुंझुनू के सानिध्य में संगीत की तैयारी कर रही हूं। आपने सारेगामापा में अपना भाग्य आजमाया है क्या, के उत्तर में नेहा कहती है कि मैं अभी वहां पर गई नहीं हूं लेकिन उसी की तैयारी कर रही हूं और इस तरह की तैयारी कर रही हूं कि कम से कम टॉप टेन तक पहुचूं।

ट्वेल्थ की फेयरवेल पार्टी में जब मुझे बेस्ट सिंगर का अवार्ड दिया गया, तो मैंने मम्मी पापा को बताया कि मेरी रुचि सिंगर बनने की है। मम्मी पापा ने कहा कि पहले अपनी पढ़ाई पूरी करो। उसके बाद में जो कुछ करना है करो। मैं साइंस की छात्रा हूं और मैंने एमएससी करने के बाद में सिंगर बनने की तरफ अपने कदम बढ़ा रही हूं। जब मेरी कॉलेज चल रही थी तो मैं सांयकाल जब कॉलेज से आती तो उसके बाद में एक घंटे हमेशा गाने का अभ्यास करती।

अब Lockdown में मैंने कवर बनाना भी शुरू कर दिया है जिसको लोगों ने बहुत पसंद किया है। दो तीन गाने मैंने मेरे सूट किए हुए हैं। जो लोक डाउन की वजह से अटक गए। वह जल्दी ही आपके सामने आएंगे। नेहा कहती है कि मेरा सपना राजस्थानी संस्कृति को बचाना और उसके ऊपर ज्यादा से ज्यादा काम करना है। मैं मेरे ज्यादा से ज्यादा एल्बम राजस्थानी गीतों के निकालने वाली हूं। मेरा एक हरियाणवी गीत ” फूला हाली फुलकारी ” जल्दी आपके सामने आने वाला है।

लता मंगेशकर का एक फेवरेट गीत नेहा ने गाकर सुनाया जो बहुत अच्छा लगा। बच्चों के बारे में पूछने पर नेहा ने बताया कि कोई भी रुचि हो पहले पढ़ाई जरूरी है। पढ़ाई के साथ साथ में बच्चे अपना हुनर दिखा सकते हैं ,लेकिन पढ़ना जरूरी है। वेस्टर्न कल्चर के सामने राजस्थानी संस्कृति फीकी पड़ती जा रही है, इसलिए अपनी राजस्थानी संस्कृति को बढ़ावा देना मेरा प्रथम प्रयास होगा। नेहा ने बताया कि मैं भजन, राजस्थानी गीत, हरियाणवी गीत और बॉलीवुड के गीत सभी को गाती हूं और सभी पर अपना अभ्यास करती हूं।

अपने विचार।

मायड़ भाषा अपने गीत, मन में खुशियां भर देते हैं। सारे गम भुला कर वो, नए प्राण फूंक देते हैं।

विद्याधर तेतरवाल, मोतीसर।

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